उत्तर प्रदेश में रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साझा की है। बुधवार को न्यू कैंट में आयोजित तीन दिवसीय 'नॉर्थटेक सिंपोजियम' के समापन समारोह में उन्होंने बताया कि राज्य के छह रक्षा औद्योगिक गलियारों के लिए 35,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव अब वास्तविकता में बदल रहे हैं।
निवेश के लिए प्रोत्साहन
समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रदेश सरकार ने एक बड़ा भूमि बैंक तैयार किया है। रक्षा और वैमानिकी नीति के तहत निवेशकों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।" उन्होंने यह भी बताया कि अलीगढ़ में छोटे हथियारों और रक्षा उपकरणों का उत्पादन किया जा रहा है।
कानपुर का महत्व
कानपुर, जिसे परंपरागत रूप से 'पूर्व का मैनचेस्टर' कहा जाता है, अब गोला-बारूद, मिसाइल, डिफेंस टेक्सटाइल और प्रोटेक्टिव गियर के निर्माण का केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री ने लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल और भारी रक्षा विनिर्माण पर ध्यान केंद्रित करने की बात की।
ड्रोन और उन्नत तकनीक
उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश रक्षा गलियारों में तोप के गोले, ड्रोन, बुलेट प्रूफ जैकेट और उन्नत संचार प्रणालियों का निर्माण किया जा रहा है।" इसके अलावा, आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर ड्रोन के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने की दिशा में भी काम चल रहा है।
स्टार्टअप का विकास
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 21,000 से अधिक स्टार्टअप विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित हुए हैं, जिनमें एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन और सेमीकंडक्टर शामिल हैं। उन्होंने कहा, "आज उत्तर प्रदेश के पास सबसे अच्छा आधारभूत ढांचा है, जिसमें एक्सप्रेसवे, हाइवे, रेल संपर्क, मेट्रो और हवाई संपर्क शामिल हैं।"
नॉर्थटेक सिंपोजियम का महत्व
'नॉर्थटेक सिंपोजियम' का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चार मई को किया था, जिसमें 250 से अधिक कंपनियों ने अपने उत्पाद और प्रौद्योगिकियां प्रस्तुत कीं।
