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एयर इंडिया के CEO कैंपबेल विल्सन ने इस्तीफा दिया, नए नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर

एयर इंडिया के CEO कैंपबेल विल्सन ने अपने इस्तीफे की पुष्टि की है, यह कहते हुए कि एयरलाइन के अगले चरण में नेतृत्व परिवर्तन का समय आ गया है। उन्होंने पिछले चार वर्षों में एयर इंडिया के पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया है और अब नए नेता की आवश्यकता पर जोर दिया है। एयरलाइन ने कई महत्वपूर्ण विकास किए हैं, जिसमें नए विमानों का अधिग्रहण और सेवा मानकों में सुधार शामिल हैं। जानें इस बदलाव के पीछे की कहानी और एयर इंडिया का भविष्य क्या होगा।
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एयर इंडिया के CEO कैंपबेल विल्सन ने इस्तीफा दिया, नए नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर

कैंपबेल विल्सन का इस्तीफा

एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक (एमडी) कैंपबेल विल्सन ने अपने इस्तीफे की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि एयरलाइन के अगले चरण में प्रवेश करने के लिए नेतृत्व परिवर्तन का यह उचित समय है। एयरलाइन ने जानकारी दी कि विल्सन ने 2026 में पद छोड़ने की योजना के बारे में चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को 2024 में सूचित किया था और तब से वे संगठन में सुचारू परिवर्तन के लिए तैयारियों में लगे हुए थे। उत्तराधिकारी की नियुक्ति तक वे अपने पद पर बने रहेंगे। अपने निर्णय के बारे में उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में टाटा समूह ने एयर इंडिया के पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया है।


एयर इंडिया का विकास

विल्सन ने बताया कि एयर इंडिया के निजीकरण के बाद चार वर्षों में चार एयरलाइनों का अधिग्रहण और सफल विलय हुआ है। उन्होंने कहा कि एयरलाइन ने सार्वजनिक क्षेत्र की प्रक्रियाओं से निजी क्षेत्र की कार्यप्रणालियों की ओर कदम बढ़ाया है, साथ ही अपने नेतृत्व, कार्यबल और समग्र संस्कृति का नवीनीकरण भी किया है। एयर इंडिया ने अपनी प्रणालियों का आधुनिकीकरण किया है, नए उत्पाद पेश किए हैं और सेवा मानकों में सुधार किया है। इसके अलावा, एयरलाइन ने अपने बेड़े में लगभग 100 नए विमान जोड़े हैं और पुराने नैरोबॉडी विमानों के उन्नयन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।


नए नेतृत्व की आवश्यकता

विल्सन ने कहा कि एयर इंडिया के कायापलट की नींव काफी हद तक रखी जा चुकी है और अब नए नेता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब ये आधारभूत संरचनाएं मजबूत हो चुकी हैं, तो एयर इंडिया के उत्थान के अगले चरण के लिए कमान सौंपने का यह सही समय है। उन्होंने यह भी कहा कि पद छोड़ने के बाद भी वे एयरलाइन को अपना समर्थन देते रहेंगे।


बोर्ड की सराहना

एयर इंडिया के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि इस दौर में विल्सन के नेतृत्व की बोर्ड सराहना करता है। उन्होंने पिछले चार वर्षों में विल्सन के योगदान के लिए अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। चंद्रशेखरन ने बताया कि कोविड के बाद एयरलाइन को आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान का सामना करना पड़ा, जिससे विमानों की डिलीवरी और नवीनीकरण योजनाओं पर असर पड़ा। उन्होंने इस दौरान विमानन क्षेत्र को प्रभावित करने वाले भू-राजनीतिक दबावों का भी उल्लेख किया।