एयर इंडिया ने बढ़ाए टिकट मूल्य, जेट फ्यूल की कीमतों में उछाल का असर
हवाई यात्रा पर बढ़ता वित्तीय बोझ
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का प्रभाव अब हवाई यात्रियों पर पड़ने वाला है। जेट फ्यूल की कीमतों में भारी वृद्धि के कारण एअर इंडिया ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के टिकट महंगे हो जाएंगे। इस निर्णय के बाद घरेलू उड़ानों के किराए में 299 रुपये से लेकर 899 रुपये तक की वृद्धि होगी। वहीं, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के टिकट 2,200 रुपये से लेकर 26,000 रुपये तक महंगे हो सकते हैं।
नई दरें 8 अप्रैल से लागू होंगी, जबकि यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के मार्गों पर यह बदलाव 10 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। एअर इंडिया ने घरेलू उड़ानों के लिए फिक्स सरचार्ज के स्थान पर दूरी-आधारित ग्रिड प्रणाली लागू की है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर अधिक वृद्धि की गई है, क्योंकि वहां फ्यूल कीमतों पर कोई सीमा नहीं है।
एयरलाइन का कहना है कि सरकार के संतुलित दृष्टिकोण के तहत घरेलू एटीएफ कीमतों में वृद्धि को 25% तक सीमित किया गया है, लेकिन इसके बावजूद लागत में काफी इजाफा हुआ है। कंपनी के अनुसार, यह सरचार्ज पूरी लागत को कवर नहीं करता और एयरलाइन अभी भी कुछ बोझ खुद उठाने को मजबूर है। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, जेट फ्यूल की कीमतें एक महीने में लगभग दोगुनी हो गई हैं—फरवरी में 99.40 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर मार्च के अंत तक 195.19 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गईं। ऐसे में यह स्पष्ट है कि मिडिल ईस्ट तनाव का असर अब एविएशन क्षेत्र पर दिख रहा है और भविष्य में हवाई यात्रा और महंगी हो सकती है।
