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एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट, ट्रंप की टैरिफ धमकियों का असर

मंगलवार को एशियाई शेयर बाजार वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितता के कारण दबाव में रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ग्रीनलैंड पर टैरिफ धमकियों ने निवेशकों में बेचैनी बढ़ा दी है। जापान में चुनाव की घोषणा और सरकारी बॉंड की यील्ड में वृद्धि ने भी चिंता को बढ़ाया है। चीन के बाजारों में थोड़ी स्थिरता देखने को मिली, जबकि भारतीय शेयर बाजारों पर विदेशी निवेश के बहिर्वाह का असर पड़ा है। जानें इस स्थिति का विस्तार से विश्लेषण।
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एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट, ट्रंप की टैरिफ धमकियों का असर

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता का प्रभाव

मंगलवार को एशियाई शेयर बाजार वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता के कारण दबाव में रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड पर टैरिफ की धमकियों ने जोखिम भरे परिसंपत्तियों में बेचैनी बढ़ा दी है, जिससे निवेशकों की सतर्कता में इजाफा हुआ है।


S&P 500 फ्यूचर्स में गिरावट

वर्तमान कारोबारी सत्र में S&P 500 फ्यूचर्स एशियाई ट्रेड में लगभग 1% की गिरावट दर्शा रहे हैं, जो यह संकेत करता है कि निवेशक अमेरिकी बाजारों के प्रति अत्यधिक सतर्क हैं।


जापान के बाजारों में गिरावट

जापान के बाजारों में भी गिरावट देखी गई, जहाँ निक्केई 225 और TOPIX इंडेक्स लगभग 1% नीचे आए। जापान की प्रधानमंत्री सनाए टाइची ने 8 फरवरी को आम चुनाव की घोषणा की है, जिससे सरकारी खर्च, कर कटौती और रक्षा बजट में वृद्धि को लेकर निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ गई है।


जापानी सरकारी बॉंड की यील्ड में वृद्धि

टाइची की चुनाव घोषणा के बाद, जापानी सरकारी बॉंड की यील्ड 27 साल के उच्च स्तर पर पहुँच गई है, जिससे वहाँ की वित्तीय स्थिति को लेकर चिंता बढ़ी है।


चीन के बाजारों में थोड़ी स्थिरता

चीन के बाजारों में थोड़ी स्थिरता देखने को मिली, जहाँ सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2025 में जीडीपी की वृद्धि दर लगभग 5% रही, लेकिन चौथी तिमाही के डेटा ने आर्थिक वृद्धि की गति में कमी का संकेत दिया।


दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के बाजार

दक्षिण कोरिया का KOSPI कुछ स्थिरता दिखाते हुए शुरुआती नुकसान को पलटकर लगभग सपाट कारोबार कर रहा है, जबकि ऑस्ट्रेलिया का ASX 200 लगभग 0.6% नीचे रहा।


भारतीय शेयर बाजारों पर दबाव

वैश्विक व्यापार तनाव के बीच, भारतीय शेयर बाजारों पर भी दबाव देखा गया। विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) के बहिर्वाह और रुपये की कमजोरी के कारण निफ्टी और सेंसेक्स में गिरावट आई है। औद्योगिक और आईटी शेयर कमजोर रहे हैं, जबकि सुरक्षित संपत्तियों जैसे सोना और चांदी में निवेश बढ़ा है।


निवेशकों की सतर्कता

इस प्रकार, ट्रंप की ग्रीनलैंड रणनीति से उत्पन्न व्यापार तनाव और जापान में राजनीतिक अस्थिरता एशियाई बाजारों में जोखिम की भावना को बढ़ा रहे हैं, जिससे निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है और बाजारों में बेचैनी का माहौल बना हुआ है।