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एसबीआई ने कर्मचारियों की हड़ताल के मद्देनजर ग्राहकों को वैकल्पिक लेनदेन की सलाह दी

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने आगामी कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए अपने ग्राहकों को वैकल्पिक लेनदेन के तरीकों का उपयोग करने की सलाह दी है। बैंक ने एटीएम, ग्राहक सेवा केंद्रों और ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करने का आग्रह किया है। हड़ताल से बैंकिंग कार्यों पर प्रभाव पड़ सकता है, जिससे ग्राहकों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। कर्मचारी महासंघ ने कई मांगें रखी हैं, जिनमें स्थायी नौकरियों की आउटसोर्सिंग को समाप्त करना शामिल है।
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एसबीआई ने कर्मचारियों की हड़ताल के मद्देनजर ग्राहकों को वैकल्पिक लेनदेन की सलाह दी

एसबीआई की हड़ताल के लिए तैयारी

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), जो देश का सबसे बड़ा ऋणदाता है, ने अगले सप्ताह होने वाली कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल को ध्यान में रखते हुए अपने ग्राहकों को वैकल्पिक लेनदेन के तरीकों का उपयोग करने की सलाह दी है।


बैंक ने अपने 52 करोड़ से अधिक ग्राहकों से अनुरोध किया है कि वे एटीएम, ग्राहक सेवा केंद्रों का उपयोग करें और ऑनलाइन बैंकिंग प्लेटफॉर्म ‘योनो’ तथा यूपीआई जैसी सेवाओं को प्राथमिकता दें।


एसबीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक सूचना में बताया कि वह अपनी 23,200 से अधिक शाखाओं में आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। यह सुझाव अखिल भारतीय स्टेट बैंक कर्मचारी महासंघ (एआईएसबीआईएसएफ) द्वारा प्रस्तावित हड़ताल के संदर्भ में आया है, जिसने 25 मई से दो-दिवसीय हड़ताल का नोटिस दिया है।


इस बैंक की बैंकिंग गतिविधियों में लगभग 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है। बैंक ने अपनी पोस्ट में कहा, ‘‘इससे होने वाली किसी भी असुविधा के लिए हमें खेद है।’’


यदि हड़ताल निर्धारित समय पर होती है, तो यह एसबीआई के बैंकिंग कार्यों को पांच दिनों तक प्रभावित कर सकती है। हड़ताल की तारीख से पहले चौथा शनिवार और रविवार भी है। इसके अलावा, हड़ताल समाप्त होने के एक दिन बाद, 27 मई को ईद अल-अजहा के कारण कई राज्यों में छुट्टी रहेगी।


कर्मचारी महासंघ ने संदेशवाहकों और सशस्त्र कर्मियों की नियुक्ति, साथ ही राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत कर्मचारियों के लिए पेंशन कोष प्रबंधक बदलने की मांग की है। महासंघ ने बैंक की स्थायी नौकरियों की आउटसोर्सिंग को समाप्त करने की भी मांग की है, क्योंकि इससे डेटा चोरी, दुरुपयोग और धोखाधड़ी का खतरा बढ़ता है। इससे ग्राहकों का विश्वास भी प्रभावित हो सकता है और बैंक को गंभीर प्रतिष्ठा और कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।


कर्मचारी महासंघ की एक अन्य मांग निदेशक मंडल में कर्मचारी निदेशक की नियुक्ति से संबंधित है।