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ऑनलाइन दवा कंपनियों के खिलाफ हड़ताल: केमिस्ट संगठन की मांगें

ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) ने ऑनलाइन दवा कंपनियों के खिलाफ एक दिवसीय हड़ताल का आयोजन किया है। संगठन का दावा है कि यह हड़ताल उनके सदस्यों का समर्थन प्राप्त कर रही है। एआईओसीडी ने ऑनलाइन दवा विक्रेताओं के अवैध संचालन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। महासचिव राजीव सिंघल ने बताया कि हड़ताल के दौरान सभी दवा की दुकानें बंद रहीं, जबकि कुछ संगठित दवा श्रृंखलाएं खुली रहीं। जानें इस हड़ताल के पीछे की वजहें और एआईओसीडी की आगे की रणनीति।
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ऑनलाइन दवा कंपनियों के खिलाफ हड़ताल: केमिस्ट संगठन की मांगें

ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स की हड़ताल

ऑनलाइन प्लेटफार्मों की अनियमित गतिविधियों और भारी छूटों के खिलाफ ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) ने एक दिवसीय हड़ताल का आयोजन किया। इस हड़ताल को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है, हालांकि संगठन ने अपने सदस्यों का पूरा समर्थन होने का दावा किया है। एआईओसीडी का कहना है कि वह ऑनलाइन दवा कंपनियों के कथित 'अवैध' संचालन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।


एआईओसीडी 12.4 लाख दवा विक्रेताओं और वितरकों का प्रतिनिधित्व करता है। संगठन के महासचिव राजीव सिंघल ने कहा, 'दवा की सभी दुकानें बंद हैं... हमें राज्य इकाइयों से जानकारी मिली है कि सभी इस हड़ताल में शामिल हैं। हमने अस्पतालों में चलने वाली 'नर्सिंग होम फार्मेसियों' पर कोई दबाव नहीं डाला है।'


हालांकि, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कुछ संगठित दवा श्रृंखलाओं की दुकानें खुली रहीं। एक सेल्स एग्जीक्यूटिव ने कहा, 'हम हड़ताल का हिस्सा नहीं हैं।'


सिंघल ने यह भी बताया कि एआईओसीडी जीएसआर 817 और जीएसआर 220 अधिसूचनाओं के खिलाफ विरोध कर रहा है, जो ऑनलाइन दवा विक्रेताओं को नियमित करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे बिना उचित भौतिक सत्यापन के दवाओं की बिक्री हो रही है। कॉर्पोरेट समर्थित ऑनलाइन कंपनियां भारी छूट दे रही हैं, जिससे स्थानीय दुकानदारों को नुकसान हो रहा है। सिंघल ने कहा कि एआईओसीडी अपने सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए इस हड़ताल के बाद आगे की रणनीति पर विचार करेगा।