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कच्चे तेल की कीमतें 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची

कच्चे तेल की कीमतें पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव के कारण 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है, जिससे उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इस स्थिति में भारत में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारू है, जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में तेल की कीमतों में सतर्क वृद्धि जारी रह सकती है। जानें इस विषय पर और क्या जानकारी है।
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कच्चे तेल की कीमतें 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची

पश्चिमी एशिया में तनाव का असर


पश्चिमी एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि


अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य लगातार बंद है, जिससे कच्चे तेल के उत्पादन और आपूर्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इस स्थिति के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। शुक्रवार को वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 2 प्रतिशत बढ़कर 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। इसी तरह, अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी लगभग 97.6 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।


साप्ताहिक आधार पर कच्चे तेल में उछाल

साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ब्रेंट क्रूड पिछले शुक्रवार की तुलना में 18.83 प्रतिशत मजबूत हुआ है, जबकि WTI में लगभग 17 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। यह दर्शाता है कि बाजार भू-राजनीतिक जोखिमों को गंभीरता से ले रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में तेल की कीमतों में सतर्क वृद्धि जारी रह सकती है।


भारत में आपूर्ति की स्थिति

भारत में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि घरेलू आपूर्ति बिना किसी रुकावट के चल रही है। घरेलू एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति भी सुचारू है। हालांकि, वाणिज्यिक क्षेत्र में कुछ समस्याएं हैं, लेकिन सरकार ने धीरे-धीरे आपूर्ति बढ़ाकर लगभग 70% कर दी है।


सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि उद्योगों को किसी भी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े, कोयला और केरोसिन जैसे अतिरिक्त ईंधनों की आपूर्ति बढ़ाई है। प्राकृतिक गैस की आपूर्ति घरेलू उपभोक्ताओं और परिवहन के लिए 100% है।