Newzfatafatlogo

कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगीं: अमेरिका-ईरान तनाव का असर

कच्चे तेल की कीमतें हाल ही में 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जो 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में कमी की आशंका बढ़ गई है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जिससे कीमतों में तेजी आई है। जानें इस संकट का विस्तृत विवरण और इसके संभावित प्रभाव।
 | 
कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगीं: अमेरिका-ईरान तनाव का असर

कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि


गुरुवार को कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण।


कच्चे तेल की कीमतें (बिजनेस डेस्क): अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू किए, जिसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इसके साथ ही, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया, जो विश्व की प्रमुख समुद्री आपूर्ति मार्गों में से एक है। इस स्थिति ने वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।


2022 के बाद की सबसे ऊंची कीमतें


गुरुवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में कमी की आशंका बढ़ गई है। यह ऊर्जा संकट अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का परिणाम है।


रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की बात की गई थी। ट्रंप का कहना है कि जब तक कोई व्यापक परमाणु समझौता नहीं होता, तब तक यह रोक जारी रहेगी।


ईरान को ट्रंप की चेतावनी


ट्रंप ने अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर ईरान को चेतावनी दी है कि उसे जल्द ही समझदारी दिखानी चाहिए। उन्होंने एक एआई-जनरेटेड तस्वीर साझा की, जिसमें वह बंदूक पकड़े हुए हैं और पीछे विस्फोट हो रहे हैं। विश्लेषकों ने इसे दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा व्यवधान के रूप में वर्णित किया है, जिसमें हजारों लोगों की जानें जा चुकी हैं।