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करनाल के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील में प्रोटीन मिल्क बार शामिल

करनाल के सरकारी स्कूलों में कक्षा बालवाटिका से आठवीं तक के छात्रों को मिड-डे मील में प्रोटीन मिल्क बार दिए जाएंगे। यह पहल बच्चों की ऊर्जा और पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए की गई है। सप्ताह में दो बार दिए जाने वाले इस प्रोटीन मिल्क बार का उद्देश्य बच्चों को आवश्यक पोषण प्रदान करना है। जानें इस योजना के बारे में और कैसे यह बच्चों के स्वास्थ्य को प्रभावित करेगी।
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करनाल के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील में प्रोटीन मिल्क बार शामिल

करनाल में बच्चों को मिलेगा नया पोषण

करनाल के सरकारी स्कूलों में कक्षा बालवाटिका से लेकर आठवीं तक के छात्रों को अब मिड-डे मील के साथ प्रोटीन मिल्क बार भी प्रदान किए जाएंगे। यह पहल बच्चों की ऊर्जा और पोषण स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।


प्रोटीन मिल्क बार का वितरण

यह प्रोटीन मिल्क बार सप्ताह में दो बार दिए जाएंगे। मिड-डे मील इंचार्ज को इस नियम का पालन करना अनिवार्य होगा। यह चॉकलेट जैसे उत्पाद दूध से बनाई जाती है, जो बच्चों के शरीर में पोषण की कमी को पूरा करने में मदद करेगी। यह योजना 11 जुलाई 2026 तक जारी रहेगी।


स्वास्थ्य पर प्रभाव

प्रोटीन मिल्क बार के सेवन से शरीर में कैलोरी, चीनी और वसा की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे वजन बढ़ने की संभावना है। यह विशेष रूप से पतले और कमजोर बच्चों के लिए फायदेमंद है। यह चॉकलेट का एक प्रकार है, जिसमें मलाईदार स्वाद होगा।


स्वस्थ भोजन की सुनिश्चितता

निदेशालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण मिड-डे-मिल योजना के तहत बच्चों को स्वच्छ और स्वस्थ भोजन प्रदान किया जाता है। सभी पहलुओं का ध्यान रखा जाता है।


खाने की नियमित जांच

मिड-डे मील में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच हर महीने की जाती है। संबंधित इंचार्ज और मुख्यध्यापक इस प्रक्रिया का पालन करते हैं और स्वयं भी बच्चों के साथ भोजन करते हैं।


प्रोटीन मिल्क बार का लाभ

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा ने बताया कि मिड-डे मिल योजना के तहत जिले के सभी सरकारी स्कूलों में कक्षा बालवाटिका से आठवीं तक के बच्चों को सप्ताह में दो बार प्रोटीन मिल्क बार दिए जा रहे हैं, जिससे उन्हें आवश्यक प्रोटीन प्राप्त होगा।