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कर्नाटक और केरल में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कर्नाटक और केरल में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता और रखरखाव की समीक्षा की। इस बैठक में 1,513 किलोमीटर लंबे राजमार्गों की प्रगति का मूल्यांकन किया गया। गडकरी ने टिकाऊ बुनियादी ढांचे के लिए समय पर कार्यों को पूरा करने और गुणवत्ता मानकों का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मानसून से पहले सभी तैयारियों को सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। जानें इस समीक्षा बैठक के प्रमुख बिंदु और योजनाएं।
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कर्नाटक और केरल में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा

राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता की समीक्षा

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कर्नाटक और केरल में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता और रखरखाव की स्थिति का अवलोकन किया। यह कदम मीडिया और सोशल मीडिया से प्राप्त प्रतिक्रियाओं के आधार पर उठाया गया।


एक सरकारी बयान में कहा गया है कि यह समीक्षा बैठक नई दिल्ली में आयोजित की गई। बैठक के दौरान, गडकरी ने कर्नाटक में 7,926 किलोमीटर और केरल में 61 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के अंतर्गत 1,513 किलोमीटर लंबे राजमार्गों की गुणवत्ता और रखरखाव की प्रगति का मूल्यांकन किया। उन्होंने टिकाऊ और प्रभावी राजमार्ग बुनियादी ढांचे को सुनिश्चित करने के लिए समय पर कार्यों को पूरा करने, गुणवत्ता मानकों का पालन करने और उन्नत तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।


मंत्री ने यह भी कहा कि परिसंपत्तियों को लंबे समय तक बेहतर बनाए रखने, यात्रा की गुणवत्ता में सुधार करने और प्रमुख राजमार्ग गलियारों में निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर चल रहे कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही, गुणवत्ता निगरानी प्रणालियों को मजबूत करने और आधुनिक निर्माण विधियों को अपनाने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को मानसून से पहले सभी तैयारियों को सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश दिए।


गडकरी ने राजमार्ग नेटवर्क पर सड़क सुरक्षा, संरचनात्मक स्थिरता और यातायात की निर्बाध आवाजाही बनाए रखने के लिए निवारक उपायों और मजबूत प्रतिक्रिया प्रणालियों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने अधिकारियों को मानसून के दौरान अग्रिम योजना बनाने का निर्देश दिया, जिसमें जल निकासी प्रबंधन, ढलान सुरक्षा के उपाय और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र की स्थापना शामिल है।