किरण मजूमदार-शॉ ने बायोकॉन के उत्तराधिकारी का किया ऐलान
किरण मजूमदार-शॉ ने अपनी कंपनी बायोकॉन के भविष्य के लिए अपनी भतीजी क्लेयर मजूमदार को उत्तराधिकारी नियुक्त किया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह अभी भी कंपनी के संचालन में सक्रिय रहेंगी। बायोकॉन, जो भारत की प्रमुख जैव-प्रौद्योगिकी कंपनियों में से एक है, ने हाल के वर्षों में कई महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल किए हैं। जानें इस बदलाव के पीछे की कहानी और कंपनी के भविष्य की दिशा।
| May 6, 2026, 19:31 IST
बायोकॉन में नेतृत्व परिवर्तन
भारत के फार्मास्यूटिकल क्षेत्र से एक महत्वपूर्ण समाचार आया है। हाल ही में, किरण मजूमदार-शॉ ने अपनी कंपनी बायोकॉन के भविष्य के लिए उत्तराधिकारी की घोषणा की है।
सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अपनी भतीजी क्लेयर मजूमदार को इस पद के लिए चुना है। हालांकि, किरण मजूमदार-शॉ ने यह स्पष्ट किया है कि वह अभी सक्रिय भूमिका से हटने या सेवानिवृत्त होने का कोई इरादा नहीं रखती हैं और कंपनी के संचालन में उनकी भागीदारी जारी रहेगी।
जानकारी के अनुसार, क्लेयर मजूमदार का परिवार पहले से ही बायोकॉन से जुड़ा हुआ है। उनके पिता, रवि मजूमदार, कंपनी में गैर-कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। इस प्रकार, कंपनी में नेतृत्व का यह बदलाव एक योजनाबद्ध प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
बायोकॉन भारत की प्रमुख जैव-प्रौद्योगिकी कंपनियों में से एक है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई है। 1998 में यूनिलीवर ने अपनी हिस्सेदारी बेचने के बाद, बायोकॉन एक स्वतंत्र भारतीय कंपनी बन गई। इसके बाद, 2001 में कंपनी ने अपनी आयरलैंड स्थित साझेदार यूनिट को भी खरीद लिया और पूरे संचालन पर नियंत्रण प्राप्त किया।
2004 में, कंपनी ने शेयर बाजार में सूचीबद्ध होकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। उस समय बायोकॉन का बाजार मूल्य एक अरब डॉलर से अधिक पहुंच गया था, जिससे यह भारत की दूसरी कंपनी बनी जिसने सूचीबद्ध होते ही यह मुकाम हासिल किया।
फोर्ब्स के आंकड़ों के अनुसार, किरण मजूमदार-शॉ की कुल संपत्ति लगभग 3.3 अरब डॉलर आंकी गई है, जो उन्हें देश के प्रमुख उद्योगपतियों में शामिल करती है।
