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केंद्र सरकार ने परिवहन और बुनियादी ढांचे के लिए 39,290 करोड़ रुपये की योजनाओं को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने देश के परिवहन और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए 39,290 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी है। इसमें विमानन क्षेत्र को राहत देने के लिए ईंधन मूल्य स्थिरीकरण कोष का गठन और दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए नए वाहनों की योजना शामिल है। जानें इन योजनाओं के पीछे के उद्देश्य और संभावित लाभ।
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केंद्र सरकार ने परिवहन और बुनियादी ढांचे के लिए 39,290 करोड़ रुपये की योजनाओं को दी मंजूरी

महत्वपूर्ण परियोजनाओं की मंजूरी

केंद्र सरकार ने देश के परिवहन और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लगभग 39,290 करोड़ रुपये की लागत वाली कई प्रमुख परियोजनाओं और योजनाओं को स्वीकृति दी है। इन निर्णयों का प्रभाव विमानन, सड़क परिवहन और शहरी आवाजाही जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर पड़ेगा.


विमानन क्षेत्र को राहत

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद इन निर्णयों की जानकारी साझा की। सरकार ने विमानन क्षेत्र को समर्थन देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के विमान टरबाइन ईंधन मूल्य स्थिरीकरण कोष की स्थापना को मंजूरी दी है। हाल के वर्षों में विमान ईंधन की कीमतों में लगभग ढाई गुना वृद्धि हुई है, जिससे विमानन कंपनियों की लागत पर भारी दबाव पड़ा है.


ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण

सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए विमान ईंधन की कीमत को 75.6 रुपये प्रति लीटर तक सीमित रखने का निर्णय लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे विमानन कंपनियों को परिचालन लागत को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी। उल्लेखनीय है कि किसी भी विमानन कंपनी के कुल खर्च का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा ईंधन पर खर्च होता है, जिसके कारण इस घोषणा के बाद प्रमुख निजी विमानन कंपनी इंडिगो के शेयरों में तेजी आई है.


दिल्ली में प्रदूषण कम करने की योजना

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण को कम करने के लिए 5,041 करोड़ रुपये की नई योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना के अंतर्गत दिल्ली में पुराने ट्रकों और बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर नए मानक वाले या विद्युत चालित वाहनों से बदला जाएगा। सरकार का लक्ष्य लगभग 1.9 लाख ट्रकों और 16 हजार बसों को बदलना है.


वाहन मालिकों के लिए सुविधाएं

इस योजना के तहत वाहन मालिकों को कई प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। नए वाहनों की खरीद पर ऋण के ब्याज में सहायता मिलेगी, पांच वर्षों तक मासिक ईंधन वाउचर दिए जाएंगे और वाहन निर्माता कंपनियां विशेष छूट भी देंगी. इसके साथ ही राज्य सरकारें मोटर वाहन कर में छूट और पंजीकरण शुल्क माफ करने जैसी सुविधाएं भी प्रदान करेंगी.


सड़क अवसंरचना में सुधार

सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मंत्रिमंडल ने 8,301 करोड़ रुपये की लागत वाली रामेश्वर-कोणार्क-पारादीप तटीय राजमार्ग परियोजना को मंजूरी दी है। इसके अलावा, बिहार में खगड़िया से पूर्णिया खंड को चार लेन में विकसित करने के लिए 3,936 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है.


राजमार्गों का विस्तार

तेलंगाना में राष्ट्रीय राजमार्ग-63 और राष्ट्रीय राजमार्ग-563 के चार लेन विस्तार के लिए 7,597 करोड़ रुपये की परियोजना को भी हरी झंडी मिली है। मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-347बी के उन्नयन के लिए 4,415 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.


आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से न केवल परिवहन व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। माल परिवहन की गति में सुधार होगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य देश की आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करना, प्रदूषण को कम करना और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है.