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कैम्पस प्लेसमेंट में कंसल्टिंग और फाइनेंस कंपनियों की बढ़ती रुचि

इस वर्ष कैम्पस प्लेसमेंट में कंसल्टिंग और फाइनेंस कंपनियों की रुचि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आईआईएम कोझिकोड के निदेशक के अनुसार, छात्रों को नौकरी के प्रस्तावों की संख्या में वृद्धि हुई है, जबकि कंसल्टिंग भूमिकाओं में 60% और फाइनेंस में 10% की बढ़ोतरी देखी गई है। भारत में AI-संचालित कार्यों की बढ़ती भूमिका के कारण यह बदलाव आया है। हालांकि, वैश्विक मंदी का असर भर्ती पर पड़ा था, लेकिन अगले बैच में इन क्षेत्रों की मांग फिर से बढ़ती नजर आ रही है।
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कैम्पस प्लेसमेंट में कंसल्टिंग और फाइनेंस कंपनियों की बढ़ती रुचि

कैम्पस प्लेसमेंट का नया दौर

इस साल कैम्पस प्लेसमेंट के मौसम में एक नया बदलाव देखने को मिल रहा है। देश के प्रमुख प्रबंधन संस्थानों, विशेषकर भारतीय प्रबंधन संस्थानों में कंसल्टिंग और फाइनेंस कंपनियों की संख्या में फिर से वृद्धि हुई है। यह वृद्धि तब हो रही है जब वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण कई बड़ी कंपनियों में कर्मचारियों की छंटनी की खबरें आ रही हैं।


प्लेसमेंट की स्थिति

आईआईएम कोझिकोड के निदेशक देबाशीष चटर्जी के अनुसार, अंतिम प्लेसमेंट प्रक्रिया में 594 में से 492 छात्रों को नौकरी के प्रस्ताव मिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिस्पर्धा के बावजूद प्लेसमेंट की गति स्थिर बनी हुई है। इस वर्ष कंसल्टिंग भूमिकाओं में लगभग 60 प्रतिशत और फाइनेंस से संबंधित प्रस्तावों में करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।


भारत में बढ़ती मांग

चटर्जी ने बताया कि इस वृद्धि का मुख्य कारण भारत में जटिल और एआई-संचालित वैश्विक कार्यों की बढ़ती भूमिका है। अब अधिकतर प्रस्ताव रणनीतिक और उच्च प्रभाव वाली टीमों से जुड़े हुए हैं, क्योंकि भारत से संचालित वैश्विक कार्यभार लगातार बढ़ रहा है।


भर्ती में बदलाव

कंसल्टिंग, बैंकिंग और एडवाइजरी फर्में हमेशा से बी-स्कूल छात्रों की पसंद रही हैं। हालांकि, 2024 बैच के दौरान वैश्विक मंदी का असर भर्ती पर पड़ा था, लेकिन अगले बैच में इन क्षेत्रों की मांग फिर से बढ़ती नजर आ रही है। बैन एंड कंपनी, बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप, मैकिन्से, एक्सेंचर और जनरल अटलांटिक जैसी कंपनियां सक्रिय रूप से भर्तियों की योजना बना रही हैं।


भविष्य की रणनीति

बैन के पार्टनर प्रभव कश्यप ने कहा कि भारत उनकी प्राथमिकता बना हुआ है और वे सही प्रतिभा में निवेश कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आईआईएम जैसे संस्थानों से निकलने वाले छात्र भविष्य के लिए मजबूत टीम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


एक्सेंचर की भर्ती रणनीति

एक्सेंचर की भर्ती रणनीति ग्राहकों की एआई आधारित रणनीति और बड़े पैमाने पर बदलाव की मांग को दर्शाती है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2025 तक के 12 महीनों में एक्सेंचर ने 4.78 अरब डॉलर का नया कारोबार जोड़ा है, जो भारत की शीर्ष आईटी कंपनियों की संयुक्त वृद्धि से भी अधिक है।


मीडियन सैलरी में वृद्धि

प्लेसमेंट से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि कंसल्टिंग और फाइनेंस फर्मों द्वारा दी जा रही मीडियन सैलरी में 10 से 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पुराने आईआईएम में यह आंकड़ा 30 से 35 लाख रुपये के आसपास बना हुआ है।


आईआईएम इंदौर की पुष्टि

आईआईएम इंदौर ने 2026 बैच के लिए कंसल्टिंग और फाइनेंस कंपनियों की बढ़ती रुचि की पुष्टि की है। निदेशक हिमांशु राय ने बताया कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत में भर्ती बनी हुई है, क्योंकि यहां ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का विस्तार हो रहा है।


भर्ती पर एआई का प्रभाव

हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि नवंबर में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, मैकिन्से ने एआई आधारित ऑटोमेशन के चलते करीब 200 पदों में कटौती की थी। इसके बावजूद, भारत में कैंपस हायरिंग पर इसका खास असर नहीं दिख रहा है।


प्लेसमेंट का माहौल

आईआईएम अहमदाबाद, बेंगलुरु और कलकत्ता जैसे पुराने संस्थानों में अंतिम प्लेसमेंट आमतौर पर जनवरी के अंत या फरवरी की शुरुआत में होते हैं। आईआईएम अहमदाबाद के प्लेसमेंट चेयर विस्वनाथ पिंगली के अनुसार, इस साल का माहौल पिछले कुछ वर्षों की तुलना में बेहतर नजर आ रहा है।


इंजीनियरिंग संस्थानों में भर्ती

इंजीनियरिंग संस्थानों में, आईआईटी में एआई आधारित भूमिकाओं के लिए विभिन्न कंपनियां पहुंच रही हैं। हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडर्स, स्टार्टअप्स, और दिग्गज कंपनियों जैसे टेस्ला, एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया, एयरबस और बोइंग भी भर्ती के लिए सक्रिय हैं। कुल मिलाकर, एआई के युग में भारत के शीर्ष शैक्षणिक संस्थान वैश्विक प्रतिभा आपूर्ति के केंद्र के रूप में और मजबूत होते दिख रहे हैं।