कॉग्निजेंट का बड़ा पुनर्गठन: हजारों नौकरियों में कटौती की संभावना
कॉग्निजेंट ने अपने 'प्रोजेक्ट लीप' के तहत हजारों कर्मचारियों की छंटनी की योजना बनाई है, जिससे आईटी उद्योग में अनिश्चितता का माहौल बन सकता है। कंपनी का लक्ष्य लागत में कमी लाना और संचालन को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुरूप बनाना है। हाल के महीनों में कंपनी के शेयरों में गिरावट आई है, और विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल लागत घटाने के लिए नहीं, बल्कि नए युग के लिए तैयार होने के लिए उठाया जा रहा है।
| May 1, 2026, 22:18 IST
कॉग्निजेंट का पुनर्गठन कार्यक्रम
आईटी क्षेत्र से एक महत्वपूर्ण समाचार आ रहा है, जिसमें अमेरिकी शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनी कॉग्निजेंट अपने बड़े पुनर्गठन की योजना बना रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी अपने 'प्रोजेक्ट लीप' के तहत हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है, जिससे आईटी उद्योग में फिर से अनिश्चितता का माहौल उत्पन्न हो सकता है।
संभावित नौकरी कटौती
वर्तमान जानकारी के अनुसार, कॉग्निजेंट लगभग 7,000 से 15,000 नौकरियों में कटौती कर सकती है। यह संख्या इस बात पर निर्भर करेगी कि कर्मचारियों को दिए जाने वाले मुआवजे का पैकेज तीन महीने का होगा या छह महीने का, और यह भी कि यह कटौती किन क्षेत्रों में होगी। उल्लेखनीय है कि यह कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि कुमार के नेतृत्व में दूसरा बड़ा पुनर्गठन है। इससे पहले, 'नेक्स्टजेन' योजना के तहत भी कंपनी ने अपने संचालन ढांचे में बदलाव किया था।
पुनर्गठन का पिछला अनुभव
पिछली बार, कंपनी ने धीमी विकास दर के कारण लगभग 400 मिलियन डॉलर खर्च कर पुनर्गठन किया था, जिसमें 3,500 गैर-राजस्व वाले पदों को समाप्त किया गया था। वर्तमान में, कंपनी के पास लगभग 3,57,600 कर्मचारी हैं, जिनमें से अधिकांश भारत में कार्यरत हैं। आंकड़ों के अनुसार, भारत में लगभग 2,56,900 कर्मचारी हैं, जिससे यहां इसका प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है।
प्रोजेक्ट लीप का उद्देश्य
कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी जतिन दलाल ने बताया है कि 'प्रोजेक्ट लीप' का मुख्य उद्देश्य लागत में कमी लाना और संचालन को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अनुरूप बनाना है। उनका मानना है कि इससे कंपनी के मुनाफे में सुधार हो सकता है। हाल के महीनों में कंपनी के शेयरों में भी गिरावट आई है, और इस साल की शुरुआत से अब तक इसके मूल्य में लगभग एक तिहाई कमी आई है।
आईटी क्षेत्र में बदलाव
विशेषज्ञों का मानना है कि आईटी क्षेत्र इस समय एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। पारंपरिक सेवाओं की मांग में कमी आ रही है, जबकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते उपयोग से कार्य करने के तरीके बदल रहे हैं। इसके अलावा, वैश्विक कंपनियां अब अपने कार्यों को स्वयं संभालने की ओर बढ़ रही हैं, जिससे आईटी सेवा कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा है।
भविष्य की योजनाएं
उद्योग विशेषज्ञ फिल फर्श्ट का कहना है कि यह कदम केवल लागत में कमी के लिए नहीं, बल्कि कंपनी को नए युग के लिए तैयार करने के लिए उठाया जा रहा है। वहीं, नीवे ग्लोबल के प्रमुख प्रवीण भदाड़ा के अनुसार, यह बदलाव इसलिए आवश्यक हो गया है क्योंकि ग्राहक अब केवल कार्य नहीं, बल्कि परिणाम भी चाहते हैं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता इस पूरी प्रक्रिया को बदल रही है।
भर्ती की स्थिति
हालांकि कंपनी मध्य स्तर के कर्मचारियों की संख्या कम कर सकती है, लेकिन नए इंजीनियरों की भर्ती भी जारी है। हाल ही में, कंपनी ने लगभग 6,000 नए इंजीनियरों को शामिल किया है और भविष्य में निचले स्तर पर भर्ती बढ़ाने की योजना है।
