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कॉरपोरेट बॉंड बाजार के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगा सेबी

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कॉरपोरेट बॉंड बाजार के विकास को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। अध्यक्ष तुहिन कांत पांडेय ने बताया कि वे भारतीय रिजर्व बैंक के साथ मिलकर 'क्रेडिट बॉंड सूचकांक' और संबंधित डेरिवेटिव उत्पादों को लाने की योजना बना रहे हैं। उनका लक्ष्य बाजार में तरलता बढ़ाना और अधिक कंपनियों को बॉंड जारी करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस लेख में सेबी के नए दृष्टिकोण और बाजार के भविष्य पर चर्चा की गई है।
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कॉरपोरेट बॉंड बाजार के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगा सेबी

सेबी का नया दृष्टिकोण

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडेय ने बताया कि इस वर्ष नियामक कॉरपोरेट बॉंड बाजार के विकास को प्राथमिकता देगा। इसके तहत, भारतीय रिजर्व बैंक के सहयोग से 'क्रेडिट बॉंड सूचकांक' और संबंधित डेरिवेटिव उत्पादों को लाने की योजना बनाई जा रही है।


पांडेय, जो एक मार्च को अपने कार्यकाल का एक वर्ष पूरा करेंगे, ने एक साक्षात्कार में कहा कि वह अपने दूसरे वर्ष में कॉरपोरेट बॉंड बाजार को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान देंगे।


उन्होंने बताया कि कॉरपोरेट बॉंड क्षेत्र में तरलता बढ़ाने, अधिक कंपनियों को बॉंड जारी करने के लिए प्रोत्साहित करने और निवेशकों की भागीदारी को बढ़ाने की आवश्यकता है।


पांडेय ने यह भी कहा कि खुदरा निवेशकों में बॉंड बाजार के प्रति जागरूकता कम है और द्वितीयक बाजार में लेनदेन की गतिविधि काफी सीमित है।


क्रेडिट बॉंड सूचकांक का विकास

 क्रेडिट बॉंड सूचकांक और उनसे जुड़े डेरिवेटिव विकसित किए  जा रहे


पांडेय ने कहा, "खुदरा स्तर पर बॉंड बाजार के बारे में जानकारी बहुत कम है। प्राथमिक निर्गम के बाद लेनदेन की गतिविधि बढ़ाना हमारी प्राथमिकता है।"


वर्तमान में, बड़ी संख्या में बॉंड को परिपक्वता अवधि तक रखा जाता है, जिससे बाजार में तरलता की स्थिति सीमित रहती है।


सेबी ने पारदर्शिता बढ़ाने और बेहतर मूल्य खोज के लिए प्राथमिक बाजार में 'प्रस्ताव के लिए अनुरोध' (आरएफपी) व्यवस्था और ऑनलाइन बॉंड प्लेटफॉर्म प्रदाताओं के लिए 'कीमत का अनुरोध' (आरएफक्यू) ढांचा लागू किया है।


बाजार का भविष्य

पांडेय ने कहा, "हम आरबीआई के साथ मिलकर क्रेडिट बॉंड सूचकांक और उससे जुड़े डेरिवेटिव लाने पर काम कर रहे हैं। इससे बाजार का दायरा और बढ़ेगा। बॉंड बाजार का भविष्य बड़ा है।"


वर्तमान में, देश के कॉरपोरेट बॉंड बाजार में लगभग 58 लाख करोड़ रुपये के बकाया निर्गम हैं। हालांकि, 5,900 से अधिक सूचीबद्ध कंपनियों में से केवल करीब 700 कंपनियां ही बॉंड बाजार का उपयोग कर रही हैं।


सेबी प्रमुख ने कहा कि अधिक कंपनियों की भागीदारी, विभिन्न रेटिंग श्रेणियों में दोबारा निर्गम और विविध जोखिम-रिटर्न विकल्प उपलब्ध कराना एक मजबूत बाजार के लिए आवश्यक है।


उन्होंने यह भी कहा कि बाजार के विकास के लिए कंपनियों को शिक्षित करने और निवेशकों तक पहुंच बढ़ाने के समानांतर प्रयास जरूरी हैं। वर्तमान में, पेंशन कोष, बीमा कंपनियां और अन्य बड़े संस्थागत निवेशक इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।