Newzfatafatlogo

क्या पेंशन क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने से मिलेगा नया मोड़?

केंद्र सरकार ने पेंशन क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा को 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा है। यह कदम बीमा क्षेत्र में हालिया सुधारों के समान है। नए विधेयक में NPS ट्रस्ट को PFRDA से अलग करने का भी प्रावधान है। इससे पेंशन फंड में अधिक निवेश आएगा और रिटायरमेंट योजनाएं मजबूत होंगी। जानें इस प्रस्ताव के संभावित लाभ और बदलावों के बारे में।
 | 
क्या पेंशन क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने से मिलेगा नया मोड़?

केंद्र सरकार का नया प्रस्ताव


नई दिल्ली: केंद्र सरकार रिटायरमेंट और पेंशन से जुड़े क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव करने की योजना बना रही है। प्रस्तावित है कि पेंशन फंड में विदेशी निवेश (FDI) की सीमा को वर्तमान 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत किया जाए। इस संबंध में एक नया विधेयक मानसून या शीतकालीन सत्र में संसद में पेश किया जा सकता है।


बीमा क्षेत्र के समान होगा पेंशन का विकास

यह कदम बीमा क्षेत्र में हाल ही में किए गए सुधारों के समान है। पिछले वर्ष संसद ने बीमा क्षेत्र में FDI की सीमा को 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने का विधेयक पारित किया था। इससे पहले, 2015 में बीमा अधिनियम में संशोधन कर FDI को 49 से 74 प्रतिशत किया गया था। अब सरकार पेंशन क्षेत्र को भी विदेशी पूंजी के लिए और आकर्षक बनाना चाहती है, जिससे पेंशन फंड में अधिक निवेश आएगा और रिटायरमेंट योजनाएं मजबूत होंगी।


NPS ट्रस्ट को PFRDA से अलग करने का प्रस्ताव

सूत्रों के अनुसार, पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) अधिनियम, 2013 में संशोधन का विधेयक लाया जाएगा। इसमें केवल FDI सीमा बढ़ाने का प्रावधान नहीं होगा, बल्कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) ट्रस्ट को PFRDA से अलग करने का भी प्रस्ताव है। वर्तमान में, NPS ट्रस्ट के अधिकार और जिम्मेदारियां PFRDA के नियमों के तहत हैं।


नए बदलाव के बाद इसे किसी चैरिटेबल ट्रस्ट या कंपनी अधिनियम के दायरे में लाया जा सकता है। NPS ट्रस्ट का प्रबंधन 15 सदस्यों वाले एक स्वतंत्र बोर्ड द्वारा किया जाएगा, जिसमें अधिकांश सदस्य सरकार या राज्यों से जुड़े हो सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि सरकार और राज्य इस फंड में सबसे बड़ा योगदान देते हैं।


NPS का इतिहास और उद्देश्य

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) की स्थापना पुरानी परिभाषित लाभ पेंशन योजना के स्थान पर की गई थी। 1 जनवरी 2004 से केंद्र सरकार के नए कर्मचारियों के लिए NPS अनिवार्य कर दिया गया था। 1 मई 2009 से इसे सभी नागरिकों के लिए स्वैच्छिक रूप से खोला गया।


सरकार ने बढ़ते पेंशन खर्च को नियंत्रित करने और संसाधनों को विकास कार्यों में लगाने के लिए यह बदलाव किया था। NPS एक परिभाषित योगदान योजना है, जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों योगदान करते हैं। PFRDA इसका नियमन करता है और सदस्यों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करता है।


FDI सीमा बढ़ाने के लाभ

FDI सीमा बढ़ने से पेंशन क्षेत्र में विदेशी कंपनियों के लिए निवेश के अवसर बढ़ेंगे। इससे फंड का आकार बढ़ेगा, प्रबंधन में सुधार होगा और आम लोगों को मजबूत रिटायरमेंट योजनाएं मिल सकेंगी। हालांकि, निवेशकों के हितों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम भी बनाए जाएंगे।