क्या बजट 2026 में पुरानी टैक्स व्यवस्था का अंत होगा? जानें नई टैक्स प्रणाली के फायदे
नई दिल्ली में टैक्सपेयर्स के बीच चर्चा
नई दिल्ली: बजट 2025 में नई टैक्स व्यवस्था को मिली राहत के बाद, देशभर में टैक्सपेयर्स के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार बजट 2026 में पुरानी टैक्स व्यवस्था को समाप्त करने का निर्णय लेगी। नई टैक्स प्रणाली को डिफॉल्ट बनाने और छूट बढ़ाने के बाद यह चर्चा और भी तेज हो गई है।
बजट 2025 में बदलावों का प्रभाव
हालांकि सरकार ने इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन बजट 2025 में किए गए परिवर्तनों और टैक्स विशेषज्ञों की राय यह संकेत देती है कि सरकार एक सरल और कम जटिल टैक्स प्रणाली की ओर बढ़ना चाहती है।
बजट 2025 ने बहस को क्यों बढ़ाया?
बजट 2025 में, सरकार ने नई टैक्स व्यवस्था के तहत सेक्शन 87A की छूट को बढ़ा दिया है, जिसके अनुसार 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। सैलरी पाने वालों के लिए यह सीमा 12.75 लाख रुपये हो गई है। इसके साथ ही, नई टैक्स व्यवस्था को डिफॉल्ट टैक्स सिस्टम बना दिया गया है।
टैक्स विशेषज्ञ सुरेश सुराना के अनुसार, इन परिवर्तनों का उद्देश्य अधिक से अधिक टैक्सपेयर्स को नई टैक्स व्यवस्था की ओर आकर्षित करना है, ताकि टैक्स प्रणाली को सरल और कम जटिल बनाया जा सके।
नई टैक्स व्यवस्था की लोकप्रियता
नई टैक्स व्यवस्था विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है जिनके पास कम टैक्स कटौतियां हैं। इसमें टैक्स स्लैब कम हैं, गणना सरल है, और रिटर्न फाइल करना भी आसान हो गया है। यही कारण है कि युवा और नए नौकरीपेशा टैक्सपेयर्स तेजी से इस प्रणाली को अपना रहे हैं।
उनका मानना है कि सरकार हर बजट में सेक्शन 115BAC के तहत नई टैक्स व्यवस्था को मजबूत कर रही है, हालांकि वर्तमान में टैक्सपेयर्स को दोनों प्रणालियों में से किसी एक का चयन करने की स्वतंत्रता दी गई है।
पुरानी टैक्स व्यवस्था का महत्व
टैक्स विशेषज्ञ सुरेश सुराना बताते हैं कि पुरानी टैक्स व्यवस्था अभी भी उन लोगों के लिए अधिक फायदेमंद है जिनके पास होम लोन है, जिन्होंने स्वास्थ्य बीमा लिया है या जो PF, PPF, NPS और ELSS जैसे टैक्स बचत उपकरणों में निवेश करते हैं।
कई टैक्सपेयर्स ने इन छूटों के आधार पर अपनी दीर्घकालिक वित्तीय योजना बनाई है। यदि पुरानी टैक्स व्यवस्था को अचानक समाप्त कर दिया गया, तो उनकी पूरी योजना प्रभावित हो सकती है।
क्या बजट 2026 में महत्वपूर्ण निर्णय होगा?
सरकार के लिए पुरानी टैक्स व्यवस्था की समाप्ति की कोई निश्चित तिथि निर्धारित करना आसान नहीं है। ऐसा निर्णय तभी लिया जा सकता है जब टैक्सपेयर्स को अपनी योजना बदलने के लिए पर्याप्त समय और सुरक्षा दी जाए। वर्तमान में, पुरानी टैक्स व्यवस्था केवल कुछ विशेष मामलों में ही अधिक उपयोगी रह गई है, जैसे पुराने होम लोन या अधिक टैक्स छूट वाले मामले, और ऐसे टैक्सपेयर्स की संख्या धीरे-धीरे कम हो रही है।
क्या पुरानी टैक्स व्यवस्था अपने आप समाप्त हो जाएगी?
सरकार को शायद पुरानी टैक्स व्यवस्था को समाप्त करने की औपचारिक घोषणा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। जैसे-जैसे लोगों के लोन समाप्त होंगे और निवेश की आदतें बदलेंगी, वैसे-वैसे पुरानी टैक्स व्यवस्था का उपयोग अपने आप कम होता जाएगा। नई टैक्स व्यवस्था अधिक सरल है और लंबे समय में यही प्रणाली टैक्सपेयर्स की पहली पसंद बन जाएगी।
आम टैक्सपेयर्स के लिए सलाह
सुरेश सुराना की सलाह है कि जिन लोगों के पास अधिक टैक्स छूट नहीं है, उनके लिए नई टैक्स व्यवस्था एक बेहतर विकल्प हो सकती है। वहीं, जिन टैक्सपेयर्स के पास होम लोन, बीमा और रिटायरमेंट से जुड़ी योजनाएं हैं, उन्हें पुरानी टैक्स व्यवस्था को छोड़ने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।
संकेत यही हैं कि बजट 2026 में कोई अचानक बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन सरकार धीरे-धीरे टैक्स प्रणाली को सरल और आधुनिक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
