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खादी और ग्रामोद्योग की बिक्री में ऐतिहासिक वृद्धि, 2025-26 में 1.87 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची

खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग ने वित्त वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री में ऐतिहासिक वृद्धि की घोषणा की है। बिक्री 1,87,105 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। आयोग के चेयरमैन ने भविष्यवाणी की है कि अगले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 2.51 लाख करोड़ रुपये को पार कर सकता है। इसके साथ ही, रोजगार के मोर्चे पर भी सकारात्मक वृद्धि देखी गई है। जानें इस सफलता के पीछे के आंकड़े और नई इकाइयों की स्थापना के बारे में।
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खादी और ग्रामोद्योग की बिक्री में ऐतिहासिक वृद्धि, 2025-26 में 1.87 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची

खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री में वृद्धि

खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने मंगलवार को जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 1,87,105 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।


आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में यह बिक्री 1,70,551.37 करोड़ रुपये थी, जबकि 2013-14 में यह केवल 31,154 करोड़ रुपये थी। केवीआईसी के चेयरमैन मनोज कुमार ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 2.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है।


उत्पादन और रोजगार में वृद्धि

आंकड़ों के अनुसार, खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों का उत्पादन 2013-14 में 26,109 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग पांच गुना बढ़कर 1,25,296 करोड़ रुपये हो गया।


रोजगार के संदर्भ में, खादी और ग्रामोद्योग गतिविधियों में 2013-14 में कुल रोजगार 1.30 करोड़ था, जो 2025-26 में बढ़कर 2.04 करोड़ हो गया है।


नई इकाइयों की स्थापना और रोजगार सृजन

खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 2025-26 में 66,494 नई इकाइयां स्थापित की गईं। इन इकाइयों के लिए 7,375 करोड़ रुपये के ऋण पर 2,457 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी जारी की गई।


इन नई इकाइयों के माध्यम से 7,31,434 लोगों को रोजगार प्रदान किया गया है।