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घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट, आईटी शेयरों में बिकवाली का असर

मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट आई, जिसमें सेंसेक्स 1,069 अंक और निफ्टी 288 अंक नीचे बंद हुए। यह गिरावट मुख्य रूप से आईटी शेयरों में बिकवाली और वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं के कारण हुई। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और भविष्य की संभावनाएं।
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घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट, आईटी शेयरों में बिकवाली का असर

बाजार में गिरावट का कारण

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी चुनौतियों और वैश्विक व्यापार में अनिश्चितताओं के चलते मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। सेंसेक्स 1,069 अंक की कमी के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी में 288 अंक की गिरावट देखी गई।


विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि ने भी निवेशकों की धारणा को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया।


बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 1,068.74 अंक यानी 1.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,225.92 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 1,359.93 अंक गिरकर 81,934.73 अंक तक पहुंच गया था।


निफ्टी में भी गिरावट

एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 288.35 अंक यानी 1.12 प्रतिशत की कमी के साथ 25,424.65 अंक पर बंद हुआ। दिन के दौरान यह 385.4 अंक गिरकर 25,327.60 अंक तक पहुंच गया। व्यापक गिरावट के बीच निफ्टी में शामिल 32 शेयरों में गिरावट आई।


रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, "वैश्विक व्यापार घटनाक्रम और भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों की धारणा कमजोर रही और कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़ गईं।"


आईटी शेयरों में गिरावट

आईटी कंपनियों में टेक महिंद्रा के शेयर में सबसे अधिक 6.6 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा एचसीएल टेक, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और लार्सन एंड टुब्रो के शेयरों में भी कमी देखी गई।


हालांकि, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील और सन फार्मा के शेयरों में तेजी का रुख देखा गया।


भविष्य की चिंताएं

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "घरेलू बाजार में आईटी शेयरों के नेतृत्व में तेज गिरावट आई है। एआई के कारण संभावित व्यवधान और पारंपरिक आईटी सेवा प्रदाताओं के मार्जिन पर दबाव से जुड़ी वैश्विक चिंताएं फिर से उभरी हैं।"


उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार और अमेरिकी शुल्क को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार समझौतों पर चेतावनियों ने बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाला।


क्षेत्रवार प्रदर्शन

क्षेत्रवार सूचकांकों में आईटी खंड में 4.80 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि रियल्टी में 2.61 प्रतिशत और दूरसंचार में 1.79 प्रतिशत की कमी देखी गई।


बीएसई स्मॉलकैप सिलेक्ट सूचकांक 0.68 प्रतिशत और मिडकैप सिलेक्ट 0.54 प्रतिशत नीचे आया।


बीएसई पर कुल 2,802 शेयर नुकसान में बंद हुए, जबकि 1,422 शेयरों में बढ़त रही।


अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट और जापान का निक्की बढ़त में रहे, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट में बंद हुआ।


यूरोपीय बाजारों में जर्मनी का डीएएक्स, लंदन का एफटीएसई 100 और पेरिस का सीएसी 40 दोपहर के कारोबार में गिरावट में थे।


अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.22 प्रतिशत बढ़कर 71.66 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।


निवेशकों की गतिविधियाँ

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 3,483.70 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 1,292.24 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की।


पिछले सत्र में सेंसेक्स 479.95 अंक बढ़कर 83,294.66 अंक पर और निफ्टी 141.75 अंक चढ़कर 25,713 अंक पर बंद हुआ था।