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टाटा समूह की कंपनियों में तेजी, महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक की तैयारी

टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में तेजी आई है, विशेषकर तेजस नेटवर्क्स और टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन में। आगामी बोर्ड बैठक में कंपनी की रणनीतियों और प्रदर्शन पर चर्चा की जाएगी। निवेशक जानना चाहते हैं कि कंपनी घाटे से उबरने के लिए क्या कदम उठाएगी। जानें इस बैठक के संभावित प्रभाव और टाटा समूह के भविष्य की योजनाओं के बारे में।
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टाटा समूह की कंपनियों में तेजी, महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक की तैयारी

टाटा समूह के शेयरों में उछाल

मंगलवार को टाटा समूह की विभिन्न कंपनियों के शेयरों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। विशेष रूप से, तेजस नेटवर्क्स और टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन के शेयर निवेशकों के बीच चर्चा का मुख्य विषय बने रहे। इसकी प्रमुख वजह टाटा संस की आगामी महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक मानी जा रही है, जिसमें समूह की कई प्रमुख कंपनियों की व्यावसायिक स्थिति और भविष्य की रणनीतियों पर गहन चर्चा होने की संभावना है.


बोर्ड बैठक में चर्चा के विषय

सूत्रों के अनुसार, टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी एयर इंडिया, टाटा डिजिटल, इलेक्ट्रिक वाहन ढांचा कंपनी अग्रतास और तेजस नेटवर्क्स सहित पांच कंपनियों की योजनाओं को बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। यह माना जा रहा है कि जिन कंपनियों का वर्तमान में प्रदर्शन कमजोर है, उन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.


शेयर बाजार पर प्रभाव

इसका असर शेयर बाजार में भी स्पष्ट रूप से देखा गया। सुबह के कारोबार में तेजस नेटवर्क्स के शेयर लगभग सात प्रतिशत तक बढ़ गए थे, और बाद में यह लगभग 495 रुपये के स्तर पर कारोबार करते नजर आए। वहीं, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन के शेयरों में भी लगभग तीन प्रतिशत की वृद्धि हुई है.


तेजस नेटवर्क्स का वित्तीय प्रदर्शन

तेजस नेटवर्क्स ने वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही में 211 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध घाटा दर्ज किया है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में कंपनी का घाटा लगभग 71 करोड़ रुपये था। कंपनी की परिचालन आय में भी भारी गिरावट आई है, जो घटकर लगभग 333 करोड़ रुपये रह गई है, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 1900 करोड़ रुपये से अधिक था. निवेशक अब यह जानने के इच्छुक हैं कि कंपनी आगे किस रणनीति पर कार्य करेगी.


टाटा ट्रस्ट्स की चर्चा

सूत्रों के अनुसार, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और एन चंद्रशेखरन के बीच हाल ही में समूह की कंपनियों के प्रदर्शन पर चर्चा हुई है। यह बैठक समूह के भीतर निवेश, लाभ और भविष्य की दिशा को लेकर स्पष्टता लाने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है.


नए निवेशों की योजना

हाल के वर्षों में, टाटा समूह ने कई नए व्यवसायों में बड़े निवेश किए हैं। एयर इंडिया के विस्तार, डिजिटल व्यवसाय और इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में खर्च तेजी से बढ़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में समूह की गैर-सूचीबद्ध कंपनियों का कुल घाटा 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक रहा है, और इसके बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.


सूचीबद्धता की संभावनाएं

इस बीच, टाटा संस की संभावित सूचीबद्धता को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने टाटा संस को देश की प्रमुख गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की सूची में रखा है। इस प्रकार, कंपनी की सूचीबद्धता का मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है.


बाजार की नजरें बैठक पर

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में टाटा समूह की रणनीति और निवेश योजनाओं को लेकर बाजार की निगाहें इसी बैठक पर टिकी रहेंगी.