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धातुओं की कीमतों में वृद्धि: एसी, बाथ फिटिंग और किचन उपकरण महंगे हो सकते हैं

हाल के दिनों में कॉपर, एल्युमिनियम और निकेल जैसी धातुओं की कीमतों में तेजी आई है, जिससे एसी, बाथ फिटिंग और किचन उपकरणों की लागत में वृद्धि की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एल्युमिनियम की कीमतें तीन सालों में सबसे ऊंची हो गई हैं, जबकि कॉपर का दाम भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इस स्थिति के कारण कई निर्माता कीमतों में वृद्धि करने की योजना बना रहे हैं। जानें इस बढ़ती लागत के पीछे के कारण और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
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धातुओं की कीमतों में वृद्धि: एसी, बाथ फिटिंग और किचन उपकरण महंगे हो सकते हैं

धातुओं की बढ़ती कीमतें

नई दिल्ली - कॉपर, एल्युमिनियम और निकेल जैसी धातुओं की कीमतों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे एसी, बाथ फिटिंग और किचन में उपयोग होने वाले सामानों की लागत में इजाफा हो सकता है।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में एल्युमिनियम की कीमत 3,000 डॉलर प्रति टन से अधिक पहुंच गई है, जो पिछले तीन वर्षों में सबसे ऊंची है। वहीं, कॉपर का दाम 12,000 डॉलर प्रति टन के पार चला गया है। कई रिपोर्टों के अनुसार, इन धातुओं, विशेषकर कॉपर, की कीमतों में अपेक्षा से अधिक वृद्धि के कारण कई निर्माताओं की इनपुट लागत बढ़ गई है, जिससे वे और अधिक भार नहीं उठा पा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप एसी, किचन उपकरण, बाथ फिटिंग्स और कुकवेयर की कीमतों में वृद्धि हो सकती है।


हाल ही में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर कॉपर का दाम 1,300 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। कई निर्माता कीमतों में 5-8 प्रतिशत की वृद्धि करने की योजना बना रहे हैं ताकि वे अपने मार्जिन को बनाए रख सकें। बाथवेयर बनाने वाली कंपनियां भी दबाव का सामना कर रही हैं, क्योंकि तांबे पर आधारित धातु पीतल की कीमतों में वित्त वर्ष की शुरुआत से दोहरे अंकों में वृद्धि हुई है। एल्युमिनियम की कीमतों में वृद्धि चीन में स्मेल्टिंग क्षमता पर रोक और यूरोप में कम उत्पादन के कारण हो रही है, जबकि निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स से दीर्घकालिक मांग मजबूत बनी हुई है।


बार-बार आपूर्ति में रुकावटों के बीच, कॉपर ने 2009 के बाद से सबसे बड़ी सालाना वृद्धि दर्ज की है। इंडोनेशिया, चिली और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में माइनिंग दुर्घटनाओं और चिली की एक बड़ी खदान में मजदूरों की हड़ताल ने उपलब्धता को कम कर दिया है। ट्रेड की अनिश्चितताओं के कारण अमेरिका को शिपमेंट में तेजी आई है। रिपोर्टों के अनुसार, दुनिया के सबसे बड़े उत्पादक इंडोनेशिया द्वारा उत्पादन में कटौती की योजनाओं का संकेत देने और पीटी वेल इंडोनेशिया की एक खदान में अस्थायी रोक के कारण निकेल की कीमतों में भी वृद्धि हुई है।


केवल कॉपर, एल्युमिनियम और निकेल ही नहीं, बल्कि सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं में भी जबरदस्त तेजी देखी गई है। 2025 में सोने ने लगभग 65 प्रतिशत और चांदी ने 145 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।