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नई अमेरिकी टैरिफ नीति का वैश्विक व्यापार पर प्रभाव

अमेरिका की नई टैरिफ नीति ने वैश्विक व्यापार में हलचल मचा दी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप प्रशासन ने आयात पर टैरिफ बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों को लाभ हो सकता है। भारत के व्यापारिक संबंधों में अनिश्चितता बढ़ गई है, और वैश्विक व्यापार में उतार-चढ़ाव की संभावना है। जानें इस नीति का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा।
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नई अमेरिकी टैरिफ नीति का वैश्विक व्यापार पर प्रभाव

अमेरिका की नई टैरिफ नीति से व्यापार में चुनौतियाँ


अमेरिका द्वारा लागू की गई नई टैरिफ नीति से वैश्विक व्यापार पर प्रभाव


हाल ही में अमेरिका में घटित घटनाओं ने वैश्विक व्यापार पर एक बार फिर से असर डालना शुरू कर दिया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के 'कंट्री-स्पेसिफिक' टैरिफ ढांचे को खारिज कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप, ट्रंप ने सभी आयातों पर 10 प्रतिशत का अस्थायी टैरिफ लगाने का निर्णय लिया है, जिसे बाद में 15 प्रतिशत करने की घोषणा की गई है।


मूडीज के अनुसार, यह 15% का समान टैरिफ चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के लिए फायदेमंद हो सकता है, जो पहले से ही उच्च टैरिफ का सामना कर रहे थे। हालांकि, जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान पर इसका प्रभाव सीमित रहेगा क्योंकि उनके बेस टैरिफ पहले से ही 15% के आसपास हैं।


भारत के व्यापारिक संबंधों पर असर

सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय ने भारत और इंडोनेशिया के साथ अमेरिका के व्यापारिक वार्ताओं में अनिश्चितता पैदा कर दी है। भारत ने वाशिंगटन में अपने प्रतिनिधिमंडल के दौरे को भी टाल दिया है।


वैश्विक व्यापार में उतार-चढ़ाव की संभावना

आने वाले समय में वैश्विक व्यापार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मूडीज ने चेतावनी दी है कि टैरिफ की दीवारें ऊंची होने की संभावना से अमेरिकी आयातक अपने शिपमेंट को जल्दी मंगाने का प्रयास कर सकते हैं। इसके अलावा, कंपनियों द्वारा पहले चुकाए गए टैरिफ की वसूली के प्रयास कानूनी विवादों को जन्म दे सकते हैं। हालांकि, अमेरिका नए कानूनी रास्तों से टैरिफ बढ़ाने की कोशिश कर सकता है, लेकिन भारत की 8.1 प्रतिशत की अनुमानित तिमाही ग्रोथ यह दर्शाती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था बाहरी झटकों को सहन करने में सक्षम है।


भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और अमेरिकी व्यापार नीतियों में हो रहे बड़े बदलावों के बीच, भारतीय अर्थव्यवस्था अपने मजबूत घरेलू आधार के कारण मजबूती से खड़ी है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ 8.1 प्रतिशत के आसपास रहने का अनुमान है। मूडीज एनालिटिक्स की एक रिपोर्ट यह भी बताती है कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा प्रस्तावित 15 प्रतिशत के टैरिफ से वैश्विक व्यापार, विशेषकर एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बड़े बदलाव आ सकते हैं।


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