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पंजाब सरकार की बाढ़ राहत पहल: मुख्यमंत्री और विधायक एक महीने का वेतन देंगे

पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और सभी विधायकों ने एक महीने का वेतन दान करने का निर्णय लिया है। राज्य में बाढ़ राहत कार्यों को तेज किया जा रहा है, जिसमें 5,290 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। राहत शिविरों की स्थापना और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था भी की जा रही है। जानें इस मानवीय पहल के बारे में और अधिक जानकारी।
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पंजाब सरकार की बाढ़ राहत पहल: मुख्यमंत्री और विधायक एक महीने का वेतन देंगे

पंजाब सरकार की मानवीय पहल

पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने मंत्रिमंडल और सभी विधायकों के साथ मिलकर एक महीने का वेतन बाढ़ राहत कार्यों के लिए दान करने का निर्णय लिया है।


प्रकृति के प्रकोप से नुकसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को प्राकृतिक आपदा के कारण गंभीर नुकसान हुआ है, और इस समय सभी पंजाबियों को एकजुट होकर एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वे अपने मंत्रियों और विधायकों के साथ मिलकर बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए एक महीने का वेतन योगदान कर रहे हैं। राज्य सरकार और प्रशासन इस संकट के समय में लोगों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।


बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को निकालना

बाढ़ राहत कार्यों में तेजी


मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में, पंजाब सरकार ने भारी बारिश के कारण आई बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। कैबिनेट मंत्रियों, विधायकों और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 5,290 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।


राहत शिविरों की स्थापना

फिरोजपुर में राहत शिविर


फिरोजपुर जिले में 13 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां अब तक 2,000 से अधिक बाढ़ पीड़ितों को बचाया गया है। जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने राहत शिविर का दौरा किया और फाजिल्का में प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।


पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था

अन्य प्रभावित जिलों में सहायता


गुरदासपुर जिले में 2,000 लोगों को बचाया गया है, जबकि अमृतसर में 710 और कपूरथला में 480 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। प्रभावित किसानों की सहायता के लिए इन क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था भी की जा रही है।