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पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ऐतिहासिक वृद्धि

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है, जिसके चलते सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अभूतपूर्व वृद्धि की है। नई दरें तुरंत प्रभाव से लागू हो गई हैं, जिससे पेट्रोल की कीमत 458.41 रुपये और डीजल की कीमत 520.35 रुपये प्रति लीटर हो गई है। जानें इस निर्णय के पीछे की वजह और सरकार की सब्सिडी नीति के बारे में।
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पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ऐतिहासिक वृद्धि

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर युद्ध का प्रभाव

पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का असर अब पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ रहा है। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि के चलते, पाकिस्तान सरकार ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी की घोषणा की है। ये नई दरें तुरंत प्रभाव से लागू हो गई हैं।


नई कीमतों की घोषणा

गुरुवार को सरकार ने पेट्रोल की कीमत को 321.17 रुपये से बढ़ाकर 458.41 रुपये प्रति लीटर (लगभग 42.7 प्रतिशत) कर दिया। इसी तरह, डीजल की कीमत 335.86 रुपये से बढ़ाकर 520.35 रुपये प्रति लीटर (लगभग 55 प्रतिशत) कर दी गई। केरोसिन तेल की कीमत भी 34.08 रुपये प्रति लीटर बढ़कर 457.80 रुपये हो गई है।


पेट्रोलियम शुल्क में बदलाव

सरकार ने डीजल की कीमतों में वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए पेट्रोलियम शुल्क में भी बदलाव किया है। पेट्रोल पर शुल्क 105 रुपये से बढ़ाकर 160 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर शुल्क को शून्य कर दिया गया है। पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने इसे एक 'कठिन निर्णय' बताया, जिसका उद्देश्य सब्सिडी को जरूरतमंदों तक सीमित करना और आर्थिक स्थिरता बनाए रखना है।


खपत नियंत्रण के लिए कीमतों में वृद्धि

प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार खुर्रम शहजाद ने बताया कि पिछले महीने पेट्रोल की खपत में 8 प्रतिशत और डीजल की खपत में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी, जिसके चलते सरकार ने कीमतें बढ़ाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि युद्ध के आरंभ के बाद पहले ही 55 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी।


सरकार की सब्सिडी नीति

सरकार अब भी मोटरसाइकिल चालकों, अंतरनगरीय परिवहन, मालवाहक वाहनों और किसानों को सब्सिडी प्रदान कर रही है। यह निर्णय तब लिया गया जब सरकारी अधिकारियों ने बताया कि 129 अरब रुपये की सब्सिडी देने के बाद और सब्सिडी देना संभव नहीं है।