Newzfatafatlogo

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर से वृद्धि: जानें नए रेट और कारण

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हाल ही में वृद्धि हुई है, जिससे आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ गया है। इस महीने तीसरी बार दाम बढ़ाए गए हैं, जिसमें पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा हुआ है। जानें चार प्रमुख शहरों में नए रेट और इसके पीछे के कारण, जैसे कि मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और तेल कंपनियों पर बढ़ता दबाव। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार साझा किए हैं।
 | 
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर से वृद्धि: जानें नए रेट और कारण

नई दिल्ली में ईंधन की कीमतों में वृद्धि


नई दिल्ली: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर वृद्धि हुई है। शनिवार को तेल कंपनियों ने इस महीने तीसरी बार दाम बढ़ाए हैं। पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। इस वृद्धि के चलते आम जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।


तीसरी बार कीमतों में वृद्धि

इस महीने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। कुछ दिन पहले 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी। इससे पहले, 16 मई को केंद्र सरकार ने एक साथ लगभग 3 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की थी। लंबे समय तक स्थिर रहने के बाद अब ईंधन की कीमतों में तेजी से बदलाव देखा जा रहा है।


चार प्रमुख शहरों में नई कीमतें

19 मई 2026 के अनुसार, चार बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल के नए रेट इस प्रकार हैं:


पेट्रोल (MS) की कीमत


दिल्ली: 99.51 रुपये (87 पैसे की वृद्धि)
कोलकाता: 110.64 रुपये
मुंबई: 108.49 रुपये
चेन्नई: 105.31 रुपये


हाई स्पीड डीजल की कीमत


दिल्ली: 92.49 रुपये (91 पैसे की वृद्धि)
कोलकाता: 97.02 रुपये
मुंबई: 95.02 रुपये
चेन्नई: 96.98 रुपये


अपने शहर का सटीक रेट जानने के लिए नजदीकी पेट्रोल पंप या ऑयल मार्केटिंग कंपनी की वेबसाइट पर जाएं।


मध्य पूर्व संकट का प्रभाव

ईंधन की कीमतों में यह वृद्धि मध्य पूर्व में चल रहे तनाव और ईरान से संबंधित अनिश्चितताओं के कारण हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 104 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है, जिसका असर भारत पर भी पड़ रहा है।


तेल कंपनियों पर दबाव

पिछले कई महीनों से सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां बढ़ते क्रूड भाव के बावजूद कीमतें स्थिर रखे हुए थीं। इस दौरान उन्हें हर महीने लगभग 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था। अब कंपनियां बढ़ते खर्च का कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं पर डाल रही हैं।


हरदीप सिंह पुरी का बयान

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत वैश्विक चुनौतियों के बावजूद ईंधन की स्थिर आपूर्ति बनाए रखने में सफल रहा है। CII बिजनेस समिट 2026 में उन्होंने कहा कि मजबूत नीतियों और प्रबंधन के कारण 2022 से अब तक पेट्रोल-डीजल की कीमतें ज्यादातर स्थिर रही हैं। उन्होंने LPG उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया।