पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की अफवाहों पर केंद्र सरकार का स्पष्टीकरण
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद, केंद्र सरकार ने ईंधन की कीमतों में संभावित वृद्धि की अटकलों को खारिज कर दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा। इसके बावजूद, कुछ राज्यों में अफवाहों के कारण लोग घबराकर अधिक खरीदारी कर रहे हैं। मंत्रालय ने सभी को अफवाहों पर विश्वास न करने और आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की सलाह दी है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
| Apr 29, 2026, 11:24 IST
पश्चिम बंगाल चुनावों के बाद ईंधन की कीमतों पर स्थिति स्पष्ट
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के अंतिम चरण के मतदान के संपन्न होते ही, देशभर में ईंधन की कीमतों में संभावित वृद्धि की अटकलों पर केंद्र सरकार ने पूर्ण विराम लगा दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मंगलवार को यह स्पष्ट किया कि बुधवार (29 अप्रैल) को मतदान समाप्त होने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। खुदरा पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें लगातार चौथे वर्ष भी स्थिर बनी हुई हैं, जबकि पिछले दो महीनों में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।
राजनीतिक चुनावों के बाद कीमतों में वृद्धि की अटकलें
इनपुट लागत और पंप की कीमतों के बीच बढ़ता अंतर सरकारी तेल कंपनियों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। कुछ अनुमानों के अनुसार, रोज़ाना का नुकसान लगभग 2,400 करोड़ रुपये है। इस स्थिति के कारण तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव समाप्त होने के बाद कीमतों में वृद्धि की अटकलें तेज हो गई हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय का स्पष्टीकरण
पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं: सुजाता शर्मा
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।" उन्होंने यह भी बताया कि कुछ स्थानों पर लोगों ने घबराकर अधिक खरीदारी की है।
घबराहट में खरीदारी की स्थिति
रिपोर्टों के अनुसार, आंध्र प्रदेश में कीमतों में वृद्धि की अफवाहों के कारण कई शहरों में लोग घबराकर अधिक खरीदारी करने लगे, जिससे पेट्रोल पंपों पर कमी हो गई। मंत्रालय के अनुसार, कुछ आउटलेट्स पर मांग में 30-33 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई है।
ईंधन की उपलब्धता पर आश्वासन
सुजाता शर्मा ने आगे कहा कि देश में सभी प्रकार के ईंधनों का पर्याप्त स्टॉक है, जिससे मांग को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा, "हमारे पास LPG, पेट्रोल और डीज़ल का पर्याप्त स्टॉक है। कीमतें स्थिर हैं और दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।" उन्होंने लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की।
वित्तीय दबाव के बावजूद स्पष्टीकरण
सरकारी ईंधन खुदरा विक्रेताओं पर बढ़ते वित्तीय दबाव के बावजूद यह स्पष्टीकरण आया है।
यह स्पष्टीकरण सरकारी ईंधन खुदरा विक्रेताओं पर बढ़ते वित्तीय दबाव के बावजूद आया है। अधिकारियों का कहना है कि ये विक्रेता पेट्रोल और डीज़ल को बाजार दरों से कम कीमत पर बेच रहे हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। विश्लेषकों ने पहले ही इस बात की आशंका जताई थी कि चुनावों के बाद ईंधन की कीमतों में 25-28 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
