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पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि: जानें आपके शहर में नए दाम

हाल ही में भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण हुई है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अब ₹97.77 और डीजल की ₹90.67 है। विपक्षी दलों ने इस वृद्धि की आलोचना की है, जबकि सरकार ने इसे वैश्विक संकट का परिणाम बताया है। जानें आपके शहर में ईंधन की नई कीमतें और इसके पीछे के कारण।
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पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि: जानें आपके शहर में नए दाम

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी

देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। यह निर्णय शुक्रवार को सरकारी तेल कंपनियों द्वारा लिया गया। इस वृद्धि का कारण पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल है।


CNG की कीमतों में भी इजाफा

दिल्ली और उसके आस-पास के क्षेत्रों में CNG की कीमत में भी ₹2 प्रति किलो की वृद्धि की गई है। वर्तमान में, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹97.77 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹90.67 प्रति लीटर है। विभिन्न शहरों में स्थानीय करों के कारण कीमतों में थोड़ी भिन्नता हो सकती है।


तेल कंपनियों का घाटा

तेल कंपनियां अभी भी भारी नुकसान का सामना कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, पेट्रोल पर 10 से 12 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 38 से 40 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत पहले 72 डॉलर प्रति बैरल थी, जो अब बढ़कर 108 डॉलर के आसपास पहुंच गई है।


रुपये की स्थिति

रुपया भी कमजोर होकर 95.74 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया है। यह वृद्धि अप्रैल 2022 के बाद पहली बार हुई है, जब रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद कीमतें बढ़ाई गई थीं। विधानसभा चुनाव के बाद यह वृद्धि की गई है, जो चर्चा का विषय बनी हुई है।


आपके शहर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें

पेट्रोल की कीमतें:



  • दिल्ली: ₹97.77

  • कोलकाता: ₹108.74

  • मुंबई: ₹106.68

  • चेन्नई: ₹103.67


डीजल की कीमतें:



  • दिल्ली: ₹90.67

  • कोलकाता: ₹95.13

  • मुंबई: ₹93.14

  • चेन्नई: ₹95.25


कीमतों में वृद्धि का कारण

सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर नया विंडफॉल टैक्स लगाया है, जबकि डीजल और विमान ईंधन के निर्यात टैक्स में कमी की गई है। इसका उद्देश्य घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखना है। विपक्षी दलों ने इस वृद्धि की आलोचना की है।


विपक्ष की प्रतिक्रिया

कांग्रेस, DMK, SP और अन्य दलों ने कहा है कि इस वृद्धि से आम आदमी, गरीब, किसान और छोटे वाहन चालकों पर बोझ बढ़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद सरकार ने वसूली शुरू कर दी है। बीजेपी ने इसका जवाब देते हुए कहा कि यह पूरी तरह से वैश्विक संकट का परिणाम है। भारत में कीमतों में वृद्धि कई अन्य देशों की तुलना में कम है और कीमतें लंबे समय तक स्थिर रहीं। सरकार ने लोगों से ईंधन बचाने, घर से काम करने और अनावश्यक यात्रा कम करने की अपील की है।