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पेप्सिको ने स्नैक पैकेजिंग में किया ऐतिहासिक बदलाव, दिखाएंगे 'कोई कृत्रिम स्वाद या रंग नहीं'

पेप्सिको ने अपने लोकप्रिय स्नैक ब्रांड्स की पैकेजिंग में एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। अब, सभी प्रमुख स्नैक्स के पैकेट पर 'कोई कृत्रिम स्वाद या रंग नहीं' का लेबल prominently प्रदर्शित किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य उपभोक्ताओं को अधिक जागरूक और सूचित निर्णय लेने में मदद करना है। कंपनी का मानना है कि यह बदलाव उपभोक्ताओं के विश्वास को मजबूत करेगा और खाद्य उत्पादों में पारदर्शिता को बढ़ावा देगा।
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पेप्सिको ने स्नैक पैकेजिंग में किया ऐतिहासिक बदलाव, दिखाएंगे 'कोई कृत्रिम स्वाद या रंग नहीं'

पेप्सिको का नया कदम

देश के प्रमुख स्नैक ब्रांड्स जैसे लेज, कुरकुरे और डोरिटोस की मालिक कंपनी पेप्सिको ने अपने खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग में एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। अब कंपनी अपने सभी प्रमुख स्नैक्स के पैकेट के सामने 'कोई कृत्रिम स्वाद या रंग नहीं' का लेबल प्रमुखता से प्रदर्शित करेगी। पेप्सिको का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को खरीदारी के समय अधिक जागरूक और सही निर्णय लेने में सहायता करना है, क्योंकि आजकल लोग खाद्य उत्पादों में पारदर्शिता को प्राथमिकता दे रहे हैं।


उपभोक्ता जागरूकता को बढ़ावा

कंपनी ने बताया कि यह निर्णय उपभोक्ताओं को सूचित निर्णय लेने में मदद करने के लिए लिया गया है, क्योंकि खाद्य लेबल पर सामग्री की पारदर्शिता पर जोर देने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। पेप्सिको इंडिया की मुख्य विपणन अधिकारी साक्षी वर्मा मेनन ने कहा कि उपभोक्ता-केंद्रित दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, कंपनी ने विज्ञान और नवाचार पर आधारित जिम्मेदार विकल्पों को प्राथमिकता दी है।


उन्होंने कहा, 'हम अपनी सामग्री से जुड़ी जानकारी को प्रमुखता से सामने ला रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं के लिए उन उत्पादों के भीतर मौजूद चीजों को पहचानना और उन पर भरोसा करना आसान हो सके।'


ब्रांड की पारदर्शिता

यह बदलाव इस बात का संकेत है कि आज के ब्रांड केवल पारदर्शिता का दावा नहीं कर रहे हैं, बल्कि इसे स्पष्ट रूप से प्रदर्शित कर रहे हैं। इसके साथ ही उपभोक्ताओं के विश्वास को भी मजबूत किया जा रहा है। इस महीने की शुरुआत में, पेप्सिको ने यह भी घोषणा की थी कि वह 2030 तक भारत में 5,700 करोड़ रुपये का निवेश करेगी, जो कि उसके वैश्विक स्तर पर शीर्ष 13 बाजारों में से एक है। यह निवेश मुख्य रूप से खाद्य कारोबार की विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाएगा।