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पोलैंड भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए उत्सुक

पोलैंड ने भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की है। उप-प्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की ने कहा कि बढ़ते वैश्विक टैरिफ के कारण, पोलैंड नए व्यापारिक साझेदारों की तलाश कर रहा है। उन्होंने भारत की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और मुक्त व्यापार समझौते की संभावनाओं पर सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया। यह समझौता न केवल भारत और पोलैंड के लिए, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी लाभकारी हो सकता है।
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पोलैंड भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए उत्सुक

पोलैंड की व्यापारिक साझेदारी की तलाश


बढ़ते टैरिफ दबाव के बीच नए साझेदारों की खोज


बिजनेस डेस्क : पोलैंड, जो यूरोपीय संघ का एक महत्वपूर्ण सदस्य है, ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच जल्द ही मुक्त व्यापार समझौते की उम्मीद जताई है। इसे न केवल भारत और यूरोपीय संघ के लिए, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी लाभकारी माना जा रहा है। पोलैंड का मानना है कि इस समझौते के बाद व्यापार के नए अवसर खुलेंगे।


पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की ने कहा कि वैश्विक टैरिफ में वृद्धि के कारण, पोलैंड नए व्यापारिक साझेदारों की तलाश कर रहा है और भारत ने इस दिशा में सहयोग की इच्छा दिखाई है। उन्होंने भारत यात्रा के महत्व को रेखांकित करते हुए मुक्त और नियम-आधारित वैश्विक व्यापार की आवश्यकता पर जोर दिया।


पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री का बयान

दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए सिकोरस्की ने कहा कि जब हमें दुनिया के कुछ हिस्सों से बढ़े हुए टैरिफ का सामना करना पड़ता है, तो हम नए व्यापारिक साझेदारों की खोज करते हैं। भारत ने हमारे साथ जुड़ने की इच्छा दिखाई है। हमें यह दिखाना होगा कि आज भी कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जो मुक्त व्यापार में विश्वास रखते हैं।


अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ

यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले वर्ष अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच हुए व्यापार समझौते के तहत अधिकांश यूरोपीय संघ उत्पादों पर 15 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया गया था। पोलैंड, जो यूरोपीय संघ का हिस्सा है, इस निर्णय से प्रभावित हुआ है। ऐसे में भारत जैसे उभरते बाजार पोलैंड के लिए महत्वपूर्ण साझेदार बनकर उभर रहे हैं।


भारत-ईयू सहयोग की संभावनाएं

सिकोरस्की ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच चल रही मुक्त व्यापार समझौता वार्ता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत और ईयू के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। कुछ उद्योग संवेदनशील हो सकते हैं, लेकिन कृषि क्षेत्र में दोनों के बीच काफी समानताएं हैं। पोलिश उप-प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि भारत-ईयू एफटीए वार्ता सफल निष्कर्ष तक पहुंचेगी, जिससे दोनों पक्षों को लाभ होगा।