प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात से शेयर बाजार में 'मेलोडी' टॉफी का असर
प्रधानमंत्री मोदी और मेलोनी की मुलाकात का प्रभाव
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच हुई मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर 'मेलोडी' टॉफी चर्चा का विषय बन गई है। बुधवार को पार्ले इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 5 प्रतिशत के अपर सर्किट के साथ बंद हुए, जिससे कंपनी के शेयर की कीमत 5 रुपये से बढ़कर 5.25 रुपये हो गई।
यह वृद्धि उस समय हुई जब मोदी ने रोम में मेलोनी को भारतीय टॉफी 'मेलोडी' उपहार में दी। इसके बाद मेलोनी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने 'उपहार के लिए धन्यवाद' लिखा, जो तेजी से वायरल हो गया।
सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शेयर में उछाल
सुबह के समय पार्ले इंडस्ट्रीज का शेयर 4.84 रुपये से 5 रुपये के बीच सामान्य कारोबार कर रहा था। लेकिन दोपहर करीब 12:30 बजे अचानक शेयर में तेजी आई।
Thank you for the gift pic.twitter.com/7ePxbJwPbA
— Giorgia Meloni (@GiorgiaMeloni) May 20, 2026
इसी समय मेलोनी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा, जिसमें वह 'मेलोडी' टॉफी दिखा रही थीं। इससे निवेशकों की रुचि बढ़ी और शेयर सीधे अपर सर्किट पर पहुंच गया।
'मेलोडी' टॉफी की चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी अपने पांच देशों के दौरे के अंतिम चरण में इटली पहुंचे थे, जहां उन्होंने मेलोनी को 'मेलोडी' टॉफी भेंट की। यह टॉफी भारतीय बाजार में वर्षों से लोकप्रिय रही है और सभी आयु वर्ग के लोगों में पसंद की जाती है।
सोशल मीडिया पर इस मुलाकात को 'मेलोडी मोमेंट' का नाम दिया गया, जिसने न केवल ऑनलाइन यूजर्स बल्कि निवेशकों का भी ध्यान आकर्षित किया।
पार्ले इंडस्ट्रीज और पार्ले प्रोडक्ट्स के बीच अंतर
कई लोगों के बीच यह भ्रम बना रहा कि पार्ले इंडस्ट्रीज वही कंपनी है जो पार्ले-जी बिस्किट बनाती है। हालांकि, Parle Products और पार्ले इंडस्ट्रीज अलग-अलग कंपनियां हैं।
पार्ले इंडस्ट्रीज एक सूचीबद्ध कंपनी है, जो मेलोडी जैसी मिठाइयों और कन्फेक्शनरी उत्पादों का कारोबार करती है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग 25.64 करोड़ रुपये है।
वायरल घटनाओं का शेयर बाजार पर प्रभाव
दलाल स्ट्रीट में अक्सर वायरल घटनाओं, मशहूर हस्तियों या सोशल मीडिया ट्रेंड का प्रभाव देखा जाता है। इस मामले में भी एक साधारण राजनयिक उपहार ने निवेशकों की रुचि को बढ़ा दिया और शेयर बाजार में हलचल पैदा कर दी।
