Newzfatafatlogo

फरवरी में एफआईआई निवेश में आई तेजी, 2.44 अरब डॉलर की शुद्ध खरीदारी

फरवरी में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 2.44 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश किया, जो पिछले 17 महीनों में सबसे बड़ा है। इस दौरान सेकेंडरी और प्राइमरी मार्केट में महत्वपूर्ण निवेश देखने को मिला। हालांकि, विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि आईटी क्षेत्र में बिकवाली जारी रहने पर निकासी बढ़ सकती है। भारतीय शेयर बाजार में सुधार के संकेत भी मिल रहे हैं, जिससे भविष्य में और अधिक निवेश की संभावना है।
 | 
फरवरी में एफआईआई निवेश में आई तेजी, 2.44 अरब डॉलर की शुद्ध खरीदारी

एफआईआई का बड़ा निवेश

मुंबई: हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने फरवरी में 17 महीनों में सबसे अधिक निवेश किया है। इस महीने में लगभग 2.44 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश हुआ। एफआईआई ने सेकेंडरी मार्केट में लगभग 2.14 अरब डॉलर और प्राइमरी मार्केट में 299 मिलियन डॉलर का निवेश किया, जो सितंबर 2024 के बाद की सबसे बड़ी मासिक शुद्ध खरीदारी है।


निवेश की प्रवृत्तियाँ

हालांकि, अक्टूबर 2023 से प्राइमरी मार्केट में एफआईआई की खरीदारी लगातार बनी हुई है, लेकिन जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 के बीच सेकेंडरी मार्केट में उनकी कुल निकासी 46 अरब डॉलर से अधिक रही है। फरवरी में शुद्ध खरीदारी उस समय हुई जब महीने की शुरुआत में आईटी शेयरों में 1.21 अरब डॉलर की भारी बिकवाली देखी गई थी।


विश्लेषकों की सलाह

विश्लेषकों ने निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि फरवरी का निवेश पिछले बड़े बिकवाली के मुकाबले छोटा है और यह ट्रेंड में स्थायी बदलाव के बजाय केवल अस्थायी ठहराव हो सकता है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आईटी क्षेत्र में बिकवाली जारी रही तो निकासी फिर से बढ़ सकती है।


भारतीय शेयर बाजार की स्थिति

हाल के एक महीने में सेंसेक्स में 1.08 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि निफ्टी 2.05 प्रतिशत चढ़ा है। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 250 इंडेक्स में क्रमशः 4.72 प्रतिशत और 5.10 प्रतिशत की तेजी देखी गई है।


आर्थिक विकास के संकेत

एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय बाजार में सुधार के शुरुआती संकेत मिल रहे हैं और बेस केस अनुमान के तहत अगले 12 महीनों में निफ्टी 27,958 के स्तर तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नीतिगत स्पष्टता, बड़े व्यापार समझौते और बुनियादी ढांचे पर जोर भारत की विकास गाथा को नए चरण में ले जा रहे हैं।


भविष्य की संभावनाएँ

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते जैसे कदम अगले विकास चक्र के लिए महत्वपूर्ण उत्प्रेरक साबित हो सकते हैं। सेक्टोरल स्तर पर, बैंकिंग और विविध वित्तीय कंपनियों को क्रेडिट ग्रोथ 13-14 प्रतिशत तक सामान्य होने और स्थिर एसेट क्वालिटी का लाभ मिल सकता है। वहीं, कैपिटल गुड्स और इंजीनियरिंग कंपनियां इंफ्रास्ट्रक्चर और रक्षा क्षेत्र में बढ़ते निवेश से लाभ उठा सकती हैं।