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फॉक्सवैगन की भारत में बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना

फॉक्सवैगन ने भारतीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी को 5 प्रतिशत तक बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। कंपनी नए उत्पादों और वैकल्पिक ईंधन प्रौद्योगिकी पर ध्यान केंद्रित कर रही है। CEO पीयूष अरोड़ा ने बताया कि वर्तमान में उनकी हिस्सेदारी 2.5 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाने के लिए नए उत्पादों की आवश्यकता होगी। जानें कंपनी की भविष्य की योजनाएं और उद्योग की वृद्धि दर पर संभावित प्रभाव।
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फॉक्सवैगन की भारत में बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना

फॉक्सवैगन की महत्वाकांक्षी योजनाएं

जर्मनी की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी फॉक्सवैगन ने भारतीय यात्री वाहन बाजार में अपनी योजनाओं का खुलासा किया है। कंपनी का लक्ष्य इस दशक के अंत तक अपनी बाजार हिस्सेदारी को दोगुना करके 5 प्रतिशत तक पहुंचाना है। इसके लिए, फॉक्सवैगन 'वैकल्पिक ईंधन प्रौद्योगिकी' को अपनी प्राथमिकता बनाएगी।


बाजार हिस्सेदारी का लक्ष्य

फॉक्सवैगन समूह की भारतीय शाखा, स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के CEO पीयूष अरोड़ा ने बताया कि वर्तमान में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 2.5 प्रतिशत से थोड़ी कम है। इसे बढ़ाने के लिए नए उत्पादों की आवश्यकता होगी।


उन्होंने कहा, "हमारा मध्यावधि लक्ष्य निश्चित रूप से 5 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी तक पहुंचना है। इसके लिए नए उत्पादों की आवश्यकता है और इस दिशा में काम चल रहा है।"


भविष्य की योजनाएं

फॉक्सवैगन ने 2018 में अपनी 'इंडिया 2.0' रणनीति के तहत 2025 तक 5 प्रतिशत हिस्सेदारी का लक्ष्य रखा था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे पूरा नहीं किया जा सका।


अरोड़ा ने बताया कि भविष्य के उत्पादों में पारंपरिक दहन इंजन के साथ वैकल्पिक ईंधन वाले वाहन भी शामिल होंगे। कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) और सीएनजी विकल्पों पर भी काम कर रही है।


उद्योग की वृद्धि दर

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के प्रभाव पर अरोड़ा ने कहा कि गैस आपूर्ति में बाधाओं के बावजूद उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ा है।


उन्होंने बताया कि यदि संघर्ष जल्दी समाप्त होता है, तो उद्योग की वृद्धि दर वर्तमान 6-7 प्रतिशत के अनुमान से अधिक हो सकती है।


फॉक्सवैगन अपने नए उत्पादों, विशेषकर टाइगुन एसयूवी के नए संस्करण के माध्यम से बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।