बजट 2026: निवेशकों की सतर्कता और शेयर बाजार की स्थिति
बजट 2026 की तैयारी
बजट 2026 की घोषणा में अब कुछ ही दिन बचे हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी, जिससे पहले बाजार में हलचल बढ़ गई है। इस बार का बजट विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इसे रविवार को प्रस्तुत किया जाएगा। हालांकि, बजट से पहले शेयर बाजार के निवेशकों में चिंता बढ़ गई है।
शेयर बाजार में गिरावट
वर्तमान में शेयर बाजार में गिरावट का माहौल है। निवेशकों का मानना है कि वे बजट से पहले शेयरों की खरीदारी में सतर्कता बरत रहे हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि कौन से शेयर महंगे और कौन सस्ते हो सकते हैं। इसके साथ ही, यह भी कहा जा रहा है कि बजट के बाद शेयर बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि, किसी भी निवेश से पहले विशेषज्ञों की सलाह लेना आवश्यक है।
निवेशकों की 'वेट एंड वॉच' नीति
शेयर बाजार में मंगलवार को काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सेंसेक्स 83,627.69 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 25,732.30 के स्तर पर पहुंच गया। दोनों में मामूली गिरावट देखी गई। इससे पहले, एक दिन में 1000 अंकों की रिकवरी हुई थी। ऐसे में निवेशक काफी सतर्क हैं। बजट के पहले निवेशक आमतौर पर गंभीर रहते हैं और शेयर खरीदने से पहले 'वेट एंड वॉच' नीति अपनाते हैं। इसका अर्थ है कि बाजार में गिरावट का कारण यह है कि निवेशक अभी सभी शेयरों का अच्छी तरह से विश्लेषण कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले चार वर्षों में बजट से पहले जनवरी में गिरावट देखी गई है।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण सेक्टर्स
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में हलचल कम है क्योंकि निवेशक बजट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका कहना है कि जैसे ही किसी विशेष सेक्टर के लिए बजट में घोषणाएं होती हैं, उस सेक्टर में तेजी आएगी। एक विशेषज्ञ के अनुसार, वैश्विक तनाव के बीच निवेशकों को इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा, नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि और बैंकिंग सेक्टर भी महत्वपूर्ण बने हुए हैं। हालांकि, निवेशकों को बजट के दौरान जल्दबाजी में निवेश करने से बचना चाहिए।
