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बिना जोखिम के PPF से बनाएं 1 करोड़ रुपये का फंड और पाएं हर महीने 61,500 रुपये

बुढ़ापे में वित्तीय सुरक्षा की चिंता से मुक्ति पाने के लिए PPF एक बेहतरीन विकल्प है। इस योजना में अनुशासित निवेश से आप न केवल करोड़पति बन सकते हैं, बल्कि रिटायरमेंट के बाद हर महीने 61,500 रुपये की टैक्स-फ्री आय भी प्राप्त कर सकते हैं। जानें कैसे यह योजना आपके भविष्य को सुरक्षित बना सकती है और निवेश के नियम क्या हैं।
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बिना जोखिम के PPF से बनाएं 1 करोड़ रुपये का फंड और पाएं हर महीने 61,500 रुपये

बुढ़ापे की वित्तीय चिंता से मुक्ति

नई दिल्ली: बुढ़ापे में वित्तीय सुरक्षा की चिंता हर किसी को परेशान करती है। लोग अक्सर यह सोचते हैं कि नौकरी के बाद उनका खर्च कैसे चल पाएगा, जिसके चलते वे शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे विकल्पों की ओर बढ़ते हैं। लेकिन यदि आप बिना किसी जोखिम के एक सुरक्षित और स्थिर आय का स्रोत खोज रहे हैं, तो सरकार की एक लोकप्रिय योजना आपकी सभी चिंताओं का समाधान कर सकती है। हम बात कर रहे हैं पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) की। इस योजना में अनुशासित तरीके से किया गया दीर्घकालिक निवेश न केवल आपको करोड़पति बना सकता है, बल्कि रिटायरमेंट के बाद आपकी मूल राशि को सुरक्षित रखते हुए हर महीने एक अच्छी और टैक्स-फ्री आय भी सुनिश्चित कर सकता है।


PPF: सुरक्षित भविष्य के लिए पहली पसंद

पीपीएफ भारत की सबसे पसंदीदा दीर्घकालिक बचत योजना है, जिसे सरकार का समर्थन प्राप्त है। यह इसे बाजार के सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में से एक बनाता है। आयकर अधिनियम के तहत सेक्शन 80सी में निवेशकों को टैक्स छूट का लाभ मिलता है, और मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी राशि टैक्स-फ्री होती है। वर्तमान में, सरकार इस पर 7.1% वार्षिक ब्याज दे रही है, जो हर तिमाही समीक्षा की जाती है। हालांकि, पिछले दो दशकों की तुलना में ब्याज दरें कम हुई हैं, लेकिन अन्य फिक्स्ड-इनकम विकल्पों की तुलना में इसका टैक्स-फ्री रिटर्न निवेशकों के लिए आकर्षक बना हुआ है।


निवेश और खाता संचालन के नियम

इस सरकारी योजना में निवेश के नियम सरल हैं। कोई भी नागरिक एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का निवेश कर सकता है। पीपीएफ खाते का लॉक-इन पीरियड 15 साल का होता है, जिसे आगे बढ़ाया जा सकता है। 15 साल पूरे होने के बाद इसे पांच-पांच साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है। ब्याज की गणना हर महीने की 5 तारीख के बाद सबसे कम बैलेंस पर की जाती है, जो सालाना कंपाउंड होकर वित्तीय वर्ष के अंत में आपके खाते में जुड़ जाती है।


कैसे बनेगा 1 करोड़ रुपये का फंड

अगर आप हर साल 1.5 लाख रुपये का निवेश करते हैं और ब्याज दर 7.1% बनी रहती है, तो 15 साल बाद आपके पास 40.68 लाख रुपये का फंड होगा। यदि आप इसे अगले पांच साल के लिए बढ़ाते हैं, तो यह राशि 66.58 लाख रुपये हो जाएगी। कुल 25 साल के निरंतर निवेश के बाद, आपका कॉर्पस 1.04 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।


हर महीने 61,500 रुपये की आय

25 साल बाद आपके पास 1.04 करोड़ रुपये का फंड होगा। यदि आप इस राशि को पीपीएफ खाते में छोड़ देते हैं, तो 7.1% की दर से आपको हर साल लगभग 7.38 लाख रुपये ब्याज के रूप में मिलेंगे। यह राशि प्रति माह लगभग 61,533 रुपये बनती है। यह मासिक पेंशन केवल ब्याज से आएगी, जबकि आपका मूलधन सुरक्षित रहेगा।


रिटायरमेंट योजना और खाता खोलने की जानकारी

यह रणनीति इसलिए प्रभावी है क्योंकि आपकी पूंजी सुरक्षित रहती है और नियमित आय का स्रोत बनती है। आप इसे किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में खोल सकते हैं। हालांकि, निवेश करते समय ध्यान रखें कि 1.5 लाख रुपये की सालाना सीमा पार नहीं होनी चाहिए। 25 साल एक लंबी अवधि है, जिसमें ब्याज दरें बदल सकती हैं, इसलिए समझदारी से निवेश करें।