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बीकाजी फूड्स के संस्थापक शिवरतन अग्रवाल का निधन

बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल के संस्थापक शिवरतन अग्रवाल का निधन 75 वर्ष की आयु में हुआ। उन्होंने अपने परिवार के व्यवसाय से अलग होकर 1993 में बीकाजी फूड्स की स्थापना की, जो आज भारत का तीसरा सबसे बड़ा स्नैक्स ब्रांड है। उनकी कहानी एक साधारण शिक्षा से लेकर करोड़ों के साम्राज्य तक की है। जानें उनके जीवन और व्यवसायिक सफर के बारे में।
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बीकाजी फूड्स के संस्थापक शिवरतन अग्रवाल का निधन

शिवरतन अग्रवाल का निधन

बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल के संस्थापक शिवरतन अग्रवाल का निधन चेन्नई के एक अस्पताल में हो गया। उनकी उम्र 75 वर्ष थी और वह हाल ही में अपनी पत्नी के इलाज के लिए वहां गए थे, जिनकी हार्ट बाईपास सर्जरी हुई थी। 23 अप्रैल 2026 की सुबह अचानक उन्हें बेचैनी महसूस हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। डॉक्टरों ने उन्हें पहले ही आराम करने की सलाह दी थी और वह पिछले 10 दिनों से चेन्नई में थे।


बीकाजी फूड्स की स्थापना

शिवरतन अग्रवाल का संबंध हल्दीराम परिवार से था, जिनके पूर्वजों ने बीकानेर में भुजिया का व्यवसाय शुरू किया था। हालांकि, उन्होंने अपने भाइयों और परिवार के व्यवसाय से अलग होकर अपनी पहचान बनाने का निर्णय लिया। 1993 में, उन्होंने बीकानेर में 'बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल' की स्थापना की। आज, यह कंपनी दुनिया में सबसे बड़ी भुजिया निर्माता बन चुकी है और भारत का तीसरा सबसे बड़ा स्नैक्स ब्रांड है।


कंपनी का नामकरण

शिवरतन ने अपनी कंपनी का नाम बीकानेर के संस्थापक 'राव बीका' के नाम पर रखा। वह चाहते थे कि उनके ब्रांड का नाम विशिष्ट और अलग हो। इससे पहले, उन्होंने 'शिवदीप फूड प्रोडक्ट्स' नाम से काम शुरू किया था, जो उनके और उनके बेटे दीपक के नामों का संयोजन था। उनकी मेहनत के फलस्वरूप, 2022 में कंपनी का आईपीओ आया और यह शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई।


शिक्षा और व्यवसायिक सफलता

शिवरतन अग्रवाल ने केवल 8वीं कक्षा तक पढ़ाई की, लेकिन उनका व्यवसायिक दृष्टिकोण किसी एमबीए से कम नहीं था। उन्होंने 1986 में अपने छोटे व्यवसाय की शुरुआत की और आज बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल का मूल्य लगभग 19,621 करोड़ रुपये है। फोर्ब्स की बिलियनेयर्स सूची के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति 15,279 करोड़ रुपये है। उनका मानना था कि लोगों को असली भारतीय स्वाद का अनुभव होना चाहिए और गुणवत्ता के साथ कभी समझौता नहीं होना चाहिए।