ब्रिटानिया बिस्कुट की कीमतों में वृद्धि और पैकेट का वजन घटाने का निर्णय
नई दिल्ली में बिस्कुट की कीमतों में बदलाव
नई दिल्ली: यदि आपकी सुबह की चाय बिना बिस्कुट के अधूरी लगती है, तो आपको अपनी जेब थोड़ी ढीली करने के लिए तैयार रहना चाहिए। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति का असर अब आपकी रसोई तक पहुंच गया है। देश की प्रमुख बिस्कुट निर्माता कंपनी ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज ने कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ाने और पैकेट का वजन कम करने का निर्णय लिया है।
10 रुपये से अधिक के बिस्कुट की कीमतें बढ़ेंगी
ब्रिटानिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ रक्षित हरगवे ने निवेशकों को बताया कि कंपनी इस तिमाही से धीरे-धीरे कीमतों में वृद्धि करने जा रही है। 10 रुपये से अधिक मूल्य वाले बिस्कुट के पैकेट अब महंगे हो जाएंगे। हालांकि, 5 और 10 रुपये के पैकेट्स की कीमतें नहीं बढ़ेंगी, लेकिन उनके अंदर बिस्कुट की मात्रा कम कर दी जाएगी। कंपनी का मुनाफा बढ़ा है, लेकिन राजस्व की उम्मीदों के अनुसार न रहने के कारण शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों में 4 प्रतिशत की गिरावट आई है।
युद्ध का बिस्कुट उत्पादन पर प्रभाव
दुनिया के दूसरे हिस्से में चल रहे युद्ध ने बिस्कुट बनाने की लागत को बढ़ा दिया है। बिस्कुट बनाने में उपयोग होने वाला पाम ऑयल, पैकेजिंग सामग्री, ईंधन और मालभाड़ा अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण महंगे हो गए हैं। सप्लाई चेन में बाधा आने से परिवहन लागत भी बढ़ गई है। हालांकि, गेहूं की कीमतों में गिरावट आई है, लेकिन पाम ऑयल और पैकेजिंग की बढ़ती कीमतें कंपनी के मुनाफे पर दबाव डाल रही हैं। कंपनी ने अगले पांच महीनों के लिए पाम ऑयल के सौदे पहले ही कर लिए हैं ताकि अचानक आने वाले झटकों से बचा जा सके।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगाई का असर
पश्चिम एशिया की स्थिति का असर ब्रिटानिया के अंतरराष्ट्रीय कारोबार पर भी पड़ा है। मार्च में होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण कंपनी समय पर माल विदेशों में नहीं भेज पाई। इस नुकसान की भरपाई के लिए कंपनी वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कीमतें बढ़ाएगी। इसके अलावा, सप्लाई चेन को बेहतर बनाने के लिए कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को भारत के मुंद्रा पोर्ट (गुजरात) में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर रही है।
ग्रामीण बाजार में प्रतिस्पर्धा
ब्रिटानिया की कुल बिक्री का लगभग 60-65 प्रतिशत हिस्सा 5 और 10 रुपये वाले किफायती पैकेट्स से आता है। हाल के दिनों में ग्रामीण बाजारों में कंपनी को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा है। कुछ प्रतिस्पर्धी कंपनियों ने अपने बिस्कुट 4.50 रुपये और 9 रुपये जैसी कीमतों पर बेचना शुरू कर दिया है, जिससे थोक व्यापारी अधिक मार्जिन के चक्कर में उन ब्रांड्स को प्राथमिकता दे रहे हैं। हालांकि, कंपनी प्रबंधन को विश्वास है कि शहरी और ई-कॉमर्स क्षेत्र में उनकी पकड़ अभी भी मजबूत है और जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिक्री फिर से बढ़ेगी।
