भारत-ईयू शिखर सम्मेलन: मुक्त व्यापार समझौते और रक्षा सहयोग पर महत्वपूर्ण निर्णय
भारत और यूरोपीय संघ के बीच महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन
भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच अगले सप्ताह होने वाले शिखर सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की उम्मीद है। इसमें मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के निष्कर्ष पर पहुंचने, रक्षा साझेदारी समझौते को अंतिम रूप देने और भारतीय पेशेवरों की आवाजाही के लिए एक ढांचा तैयार करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। राजनयिक सूत्रों के अनुसार, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लिएन 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। इसके बाद, 27 जनवरी को भारत-ईयू शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ की भागीदारी
गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ की एक सैन्य टुकड़ी भी शामिल होगी, जिसमें ईयू सैन्य स्टाफ का ध्वज और इसके नौसैनिक अभियानों के झंडे शामिल हैं। यह यूरोप के बाहर किसी देश के राष्ट्रीय समारोह में ईयू की पहली सैन्य भागीदारी होगी।
वैश्विक मुद्दों पर चर्चा
भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया की स्थिति और वेनेजुएला में राजनीतिक घटनाक्रम जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। लगभग 90-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल, जिसमें विदेश एवं सुरक्षा नीति प्रमुख काजा कलास और व्यापार आयुक्त मारोस सेफ्कोविच शामिल हैं, भारत आएंगे।
भारत-ईयू व्यापार संबंध
वित्त वर्ष 2023-24 में भारत और ईयू के बीच वस्तु व्यापार 135 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा। प्रस्तावित एफटीए को हाल के वर्षों में भारत का सबसे बड़ा व्यापार समझौता माना जा रहा है। शिखर सम्मेलन में दोनों पक्ष एफटीए के संबंध में बातचीत के निष्कर्ष की औपचारिक घोषणा करेंगे, जिसके बाद कानूनी जांच और हस्ताक्षर की प्रक्रिया शुरू होगी।
रक्षा सहयोग और सुरक्षा समझौते
भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी (एसडीपी) से आपसी सहयोग बढ़ेगा और भारतीय कंपनियों के लिए ईयू के ‘सेफ’ कार्यक्रम में भागीदारी के अवसर खुलेंगे। इसके अलावा, सूचना सुरक्षा समझौते पर वार्ता शुरू करने और भारतीय पेशेवरों की यूरोप में आवाजाही को सुगम बनाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर भी सहमति बनने की संभावना है।
