भारत एआई शिखर सम्मेलन में सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोडेई के बीच असहजता का पल
भारत एआई शिखर सम्मेलन में सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोडेई के बीच एक असहज पल ने वैश्विक ध्यान आकर्षित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच पर तस्वीर खिंचवाने के दौरान दोनों ने एक-दूसरे का हाथ नहीं पकड़ा, जिससे चर्चा का विषय बन गया। ओपनएआई और एंथ्रोपिक के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा और विज्ञापन नीतियों पर मतभेद भी इस घटना के पीछे के कारण हैं। जानें इस घटना के बारे में और क्या संकेत मिलते हैं।
| Feb 20, 2026, 23:01 IST
भारत एआई शिखर सम्मेलन में चर्चा का विषय बना पल
नई दिल्ली में आयोजित भारत एआई शिखर सम्मेलन के दौरान एक क्षण ने अचानक वैश्विक ध्यान आकर्षित किया। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश-विदेश के 13 प्रमुख उद्योग और राजनीतिक नेताओं के साथ तस्वीर खिंचवाई। उन्होंने सभी से एक-दूसरे का हाथ पकड़कर ऊपर उठाने का आग्रह किया। इस दौरान सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोडेई ने एक-दूसरे का हाथ नहीं पकड़ा और केवल अपनी बाहें ऊपर उठाईं। यह दृश्य बाद में काफी चर्चित रहा।
ओपनएआई और एंथ्रोपिक के बीच प्रतिस्पर्धा
ऑल्टमैन और अमोडेई वर्तमान में ओपनएआई और एंथ्रोपिक जैसी दो प्रमुख एआई कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, ओपनएआई का मूल्यांकन लगभग 500 अरब डॉलर है, जबकि एंथ्रोपिक की कीमत करीब 380 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी है।
अमोदेई का ओपनएआई से एंथ्रोपिक की ओर सफर
अमोदेई पहले ओपनएआई में एक उच्च पद पर कार्यरत थे। बाद में, कंपनी की व्यावसायिक दिशा को लेकर मतभेदों के कारण उन्होंने एंथ्रोपिक की सह-स्थापना की। तब से दोनों कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ती जा रही है। इस वर्ष एंथ्रोपिक के 'क्लॉड' मॉडल और उसके कोडिंग उपकरणों को बाजार में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है, जिससे प्रतिस्पर्धा और भी तीव्र हो गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
मंच पर हुई यह हल्की असहजता का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तेजी से वायरल हो गया। बाद में ऑल्टमैन ने एक वीडियो संदेश में कहा कि उस समय उन्हें यह स्पष्ट नहीं था कि मंच पर क्या करना चाहिए। उनकी कंपनी के प्रवक्ता ने भी इस वीडियो की पुष्टि की।
विज्ञापन नीति पर मतभेद
दोनों कंपनियों के बीच मतभेद केवल तकनीकी मुद्दों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विज्ञापन नीति पर भी खुलकर सामने आए हैं। एंथ्रोपिक ने हाल ही में एक बड़े खेल आयोजन के दौरान विज्ञापन जारी कर संकेत दिया कि उसका चैटबॉट उपयोगकर्ताओं को विज्ञापन नहीं दिखाएगा। इसके जवाब में, ऑल्टमैन ने एक सामाजिक मंच पर लंबा संदेश लिखकर कहा कि विज्ञापन आधारित व्यवस्था से सेवाएं अधिक लोगों तक सस्ती और सुलभ हो सकती हैं।
एआई क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई के क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा अब केवल नई तकनीक तक सीमित नहीं है। इसमें नैतिकता, कारोबारी ढांचा और डेटा के उपयोग की नीतियां भी शामिल हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंच पर दिखने वाले छोटे इशारे भी महत्वपूर्ण संकेत दे सकते हैं।
भारत की एआई में पहचान
भारत भी एआई के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बनाने का प्रयास कर रहा है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में वैश्विक कंपनियों की उपस्थिति और उनके बीच की प्रतिस्पर्धा यह दर्शाती है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र और भी महत्वपूर्ण होने वाला है।
