भारत की अर्थव्यवस्था की वृद्धि पर यूएन की नई रिपोर्ट
अर्थव्यवस्था की मजबूती पर यूएन की रिपोर्ट
यूएन ने कहा, उच्च टैरिफ और वैश्विक परिस्थितियों का अर्थव्यवस्था पर नहीं होगा असर
भारत की अर्थव्यवस्था की प्रगति ने विश्व के कई देशों को आश्चर्यचकित कर दिया है। भारत ने ऐसे समय में भी अपनी विकास दर को बनाए रखा है जब अन्य देश टैरिफ और वैश्विक परिस्थितियों के कारण चिंतित थे। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र ने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। यूएन की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2026 में भी तेज आर्थिक वृद्धि के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
यूएन द्वारा दी गई विकास दर की जानकारी
संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक मामलों के विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था 2026 में 6.6 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। हालांकि, यह दर 2025 के अनुमानित 7.4 प्रतिशत से कम है, लेकिन वैश्विक औसत से अधिक है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मजबूत निजी उपभोग, सार्वजनिक निवेश, जीएसटी सुधार और अपेक्षाकृत कम ब्याज दरें भारत की वृद्धि को समर्थन दे रही हैं।
घरेलू मांग से मिलेगी अमेरिकी टैरिफ से राहत
रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि मौजूदा टैरिफ नीति जारी रहती है, तो अमेरिका के ऊंचे शुल्क 2026 में भारत के निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। अमेरिका भारत के कुल निर्यात का लगभग 18 प्रतिशत हिस्सा है। फिर भी, विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू मांग और निवेश के बल पर भारत इस झटके को काफी हद तक संभाल सकता है।
केंद्रीय मंत्रालय द्वारा जताई गई वृद्धि की संभावना
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय आय के पहले अग्रिम अनुमानों के अनुसार, इस वृद्धि को मुख्य रूप से विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन से बल मिलेगा। घरेलू उद्योगों के बेहतर परिणाम, कृषि की अच्छी पैदावार और जीएसटी सुधारों के बाद के हालात इस तेजी के पीछे के मुख्य कारण हैं। इसी कारण सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी के अनुमानों को बढ़ा दिया है। अग्रिम अनुमानों के अनुसार, 2025-26 में जीडीपी में 7.4 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।
