भारत की ऊर्जा सुरक्षा: ऑस्ट्रेलिया और कनाडा से गैस खरीदने की संभावनाएं
भारत की ऊर्जा सुरक्षा की नई दिशा
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्षों के बीच, भारत वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की खोज में जुटा है। इस संदर्भ में, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने भारत को गैस की आपूर्ति करने की पेशकश की है, जैसा कि सरकारी सूत्रों ने गुरुवार को बताया। भारत वर्तमान में प्रतिदिन 195 मिलियन मीट्रिक मानक घन मीटर (एमएमएससीएमडी) गैस का आयात करता है, जिसमें से कतर 60 मिलियन एमएमएससीएमडी की आपूर्ति करता है।
भारत की ऊर्जा स्थिति
सूत्रों के अनुसार, भारत की ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति काफी मजबूत है। वर्तमान में भंडार संतोषजनक है और इसकी भरपाई नियमित रूप से की जा रही है। एलपीजी और एलएनजी की कोई कमी नहीं है, और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की भी कोई कमी नहीं है। भारत अन्य आपूर्तिकर्ताओं के साथ भी संपर्क में है, और हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका के साथ एक नया अनुबंध किया गया है।
गैस खरीदने के लिए वैकल्पिक बाजारों की खोज
भारत 195 मिलियन वर्ग मीटर प्रति मीट्रिक टन गैस का आयात करता है, जिसमें कतर की आपूर्ति 60 मिलियन वर्ग मीटर प्रति मीट्रिक टन है। भारत गैस खरीदने के लिए वैकल्पिक बाजारों की तलाश कर रहा है और प्रमुख तेल उत्पादकों तथा व्यापारियों के साथ बातचीत कर रहा है। इसके अलावा, भारत अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) और पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) के साथ भी चर्चा कर रहा है।
रूसी कच्चे तेल का आयात
भारत पूर्व अनुबंधों के तहत रूसी कच्चे तेल का आयात जारी रखे हुए है। सूत्रों के अनुसार, एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति के मामले में भारत की स्थिति मजबूत है। सरकार वैश्विक ऊर्जा बाजार पर कड़ी नजर रख रही है ताकि देश के लिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
