भारत की प्रमुख तेल कंपनियों का मुनाफा: डीजल-पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि का असर
तेल की कीमतों में वृद्धि और कंपनियों का मुनाफा
पिछले 14 दिनों में डीजल और पेट्रोल के दाम में चार बार वृद्धि की गई है। इससे पहले, भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया था कि तेल कंपनियों को प्रतिदिन लगभग एक हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था। उनके इस बयान के कुछ दिन बाद ही तेल की कीमतें बढ़ने लगीं। अब, जनवरी से मार्च के अंतिम तिमाही के आंकड़े दर्शाते हैं कि भारत की प्रमुख तेल कंपनियों ने तीन महीनों में 19,470 करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित किया है। इसका अर्थ है कि तीनों कंपनियों ने मिलकर प्रतिदिन लगभग 216 करोड़ रुपये का लाभ कमाया।
भारत की प्रमुख तेल कंपनियां
भारत में सरकारी स्वामित्व वाली प्रमुख कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम हैं, जो मिलकर 90 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी रखती हैं। ये कंपनियां भारत में अधिकांश पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों के बावजूद इन कंपनियों को लाभ हुआ है। हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि ईरान पर हमले का समय और मंत्री का बयान अलग-अलग हैं।
कच्चे तेल की कीमतों का प्रभाव
28 फरवरी को ईरान पर हमले से पहले कच्चे तेल की कीमत 72 डॉलर प्रति बैरल थी, जो 9 मार्च को बढ़कर 120 डॉलर तक पहुंच गई। हालाँकि, अब कीमतें फिर से 100 डॉलर के नीचे आ गई हैं। 2024-25 में इन कंपनियों ने क्रमशः 33,601.57 करोड़ और 77,280.65 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था, जबकि उस समय कच्चा तेल सस्ता था।
कंपनियों का मुनाफा
अंतिम तिमाही में हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने 4,901.50 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 3,355 करोड़ रुपये था। पूरे वर्ष में, 2025-26 में हिंदुस्तान पेट्रोलियम का मुनाफा 17,175.23 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष के 7,365 करोड़ रुपये से 133.2 प्रतिशत अधिक है।
इसी तरह, इंडियन ऑयल ने जनवरी से मार्च के बीच 11,377 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। पूरे वर्ष में इसका मुनाफा 36,802.42 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष का मुनाफा 12,961.57 करोड़ रुपये था। भारत पेट्रोलियम का मुनाफा पिछले वर्ष की तुलना में 75.54 प्रतिशत बढ़ा है।
भविष्य की संभावनाएं
हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि कंपनियों को नुकसान की शुरुआत अप्रैल से हो सकती है। ऐसे में 2026-27 के पहले तिमाही में नुकसान के आंकड़े सामने आने की संभावना है।
