भारत में कोयला आयात में वृद्धि, लेकिन भविष्य में गिरावट की संभावना
कोयला आयात में वृद्धि का विश्लेषण
भारत का कोयला आयात नवंबर 2025 में 28.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2.5 करोड़ टन तक पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने में यह आंकड़ा 1.95 करोड़ टन था। यह जानकारी इस्पात कंपनी सेल और टाटा स्टील के संयुक्त उद्यम एमजंक्शन सर्विसेज लिमिटेड द्वारा प्रदान की गई है, जो एक बी2बी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है।
एमजंक्शन के प्रबंध निदेशक और सीईओ विनय वर्मा ने बताया कि इस वृद्धि का मुख्य कारण इस्पात मिलों द्वारा सर्दियों के लिए भंडार को फिर से तैयार करना है। इसके अतिरिक्त, कुछ खरीदारों ने समुद्री मार्ग से आने वाले कोयले की कमजोर कीमतों के कारण नई पोजीशन ली।
हालांकि, आने वाले महीनों में घरेलू संसाधनों की उपलब्धता में वृद्धि के कारण आयात में कमी आने की संभावना है। नवंबर 2025 में नॉन-कोकिंग कोल का आयात 1.42 करोड़ टन रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी माह में यह 1.23 करोड़ टन था। इसी अवधि में कोकिंग कोल का आयात 65 लाख टन रहा।
इस वित्तीय वर्ष की अप्रैल से नवंबर की अवधि में कुल कोयला आयात 18.61 करोड़ टन तक पहुंच गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में 18.20 करोड़ टन था।
