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भारत में कोयला भंडार और खनिज क्षेत्र की आत्मनिर्भरता पर जोर

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने बताया कि भारत में 90 दिनों की आवश्यकता के लिए 20 करोड़ टन से अधिक कोयला भंडार उपलब्ध है। उन्होंने खनिज क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला। इसके अलावा, उन्होंने शहरी खनन और कोयला गैसीकरण की संभावनाओं पर भी चर्चा की। केंद्रीय खान सचिव पीयूष गोयल ने खनिज ब्लॉक की नीलामी के आंकड़े साझा किए, जो आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र के महत्व को दर्शाते हैं।
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भारत में कोयला भंडार और खनिज क्षेत्र की आत्मनिर्भरता पर जोर

कोयला भंडार की स्थिति

केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सोमवार को जानकारी दी कि देश में 90 दिनों की आवश्यकता के लिए 20 करोड़ टन से अधिक कोयला भंडार उपलब्ध है। उन्होंने खान मंत्रालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा कि लगातार दूसरे वर्ष एक अरब टन कोयला उत्पादन हासिल किया गया है।


रेड्डी ने बताया, "वर्तमान में ताप विद्युत संयंत्रों और खदानों के पास 90 दिनों के लिए पर्याप्त कोयला उपलब्ध है। पहले हमारे पास केवल 21 से 25 दिनों का भंडार होता था, लेकिन अब यह 20 करोड़ टन से अधिक हो गया है।"


सरकार का आत्मनिर्भरता का लक्ष्य

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य खनिज क्षेत्र में आयात पर निर्भरता को कम करना और देश को आत्मनिर्भर बनाना है। रेड्डी ने स्पष्ट किया, "सरकार खनिज क्षेत्र में राजस्व के लिए काम नहीं करती, बल्कि आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाती है।"


भविष्य की संभावनाएं

भविष्य में शहरी खनन और कोयला गैसीकरण में महत्वपूर्ण खनिजों के निष्कर्षण की संभावनाओं को देखते हुए, उन्होंने निजी क्षेत्र से सार्वजनिक उपक्रमों, राज्य सरकारों और अन्य संस्थाओं के साथ सहयोग करने का आग्रह किया।


उन्होंने कहा कि शहरी खनन के माध्यम से देश की जरूरत के 30-40 प्रतिशत महत्वपूर्ण खनिज कबाड़ से निकाले जा सकते हैं। सरकार इस दिशा में एक कार्ययोजना तैयार कर रही है, जिसके तहत हर शहर से कबाड़ एकत्र कर रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर आदि से महत्वपूर्ण खनिज निकाले जाएंगे।


खनिज ब्लॉक की नीलामी

केंद्रीय खान सचिव पीयूष गोयल ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 212 खनिज ब्लॉक की नीलामी की गई, जबकि पिछले चार वर्षों में कुल 364 ब्लॉक की नीलामी हुई थी। 2015 में नीलामी व्यवस्था शुरू होने के बाद से अब तक कुल 684 ब्लॉकों की नीलामी हो चुकी है।


उन्होंने कहा कि इस वर्ष महत्वपूर्ण खनिज खंड में 22 ब्लॉक की नीलामी हुई है, जिससे अब तक कुल 71 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक नीलाम किए जा चुके हैं। इनमें 46 केंद्र और 25 राज्य सरकारों द्वारा नीलाम किए गए हैं।


आगामी नीलामी

गोयल ने बताया कि 23 मार्च को महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉक की सातवीं किस्त की नीलामी शुरू की गई, जिसमें 19 ब्लॉक शामिल हैं। इनमें 17 समग्र लाइसेंस और दो खनन पट्टे शामिल हैं। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र एक उभरता हुआ क्षेत्र है और आने वाले वर्षों में इसका महत्व बढ़ता रहेगा।