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भारत में चांदी के आयात पर नए प्रतिबंध: जानें कारण और प्रभाव

भारत ने चांदी के आयात को प्रतिबंधित श्रेणी में डालने का निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य विदेशी मुद्रा की बचत करना है। यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष और पश्चिम एशिया की अस्थिरता के चलते उठाया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से विदेशी मुद्रा बचाने की अपील की थी। जानें इस फैसले के पीछे के कारण और चांदी की बढ़ती मांग के बारे में।
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भारत में चांदी के आयात पर नए प्रतिबंध: जानें कारण और प्रभाव

चांदी के आयात पर नए नियम

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष और पश्चिम एशिया की अस्थिरता का प्रभाव अब सोने और चांदी के व्यापार पर भी देखने को मिल रहा है। चांदी के आयात को सरल बनाने के लिए इसे पहले वैश्विक बाजार में 'मुक्त श्रेणी' में रखा गया था, लेकिन अब इसे 'प्रतिबंधित श्रेणी' में डाल दिया गया है।


अब चांदी का आयात करने के लिए सरकार की अनुमति या लाइसेंस आवश्यक होगा। यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि अप्रैल में चांदी के आयात में पिछले वर्ष की तुलना में 157.16 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी.


इस फैसले के पीछे का कारण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से विदेशी मुद्रा की बचत करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि अनावश्यक विदेश यात्रा से बचें और एक साल तक सोना न खरीदें। इससे पहले, सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था, जिसका उद्देश्य आयात को कम करना और विदेशी मुद्रा को आवश्यक वस्तुओं जैसे पेट्रोलियम और खाद के लिए सुरक्षित रखना है.


सरकार का आधिकारिक आदेश

वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने एक आधिकारिक आदेश जारी किया है कि 'हार्मोनाइज्ड सिस्टम कोड, HAS 71069221 और 71069229 के तहत आने वाले चांदी के बार का आयात अब बिना अनुमति के नहीं किया जा सकता है। यह प्रतिबंध 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले उत्पादों पर लागू होगा.


सरकार के कदमों का उद्देश्य

दुनिया एक वैश्विक संकट के कगार पर है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हो सकती हैं। भारत के पास 690 अरब डॉलर से अधिक का विदेशी मुद्रा भंडार है, जो 10 महीने के आयात के लिए पर्याप्त है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण सरकार सतर्क हो गई है। सोने और चांदी के भारी आयात से विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ रहा था.


चांदी की बढ़ती मांग

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में सोने का आयात 24 प्रतिशत बढ़कर 71.98 अरब डॉलर हो गया, जबकि चांदी का आयात 149 प्रतिशत बढ़कर 12.05 अरब डॉलर तक पहुंच गया। केवल अप्रैल 2026 में चांदी के आयात में तेजी से वृद्धि हुई। अब सरकार इस आयात पर नियंत्रण लगाना चाहती है ताकि विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रह सके.