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भारत में निवेश का बढ़ता आकर्षण: वैश्विक कंपनियों की नजरें

भारत अब वैश्विक कंपनियों के लिए एक प्रमुख निवेश स्थल बनता जा रहा है। PepsiCo, Unilever, और Nestlé जैसी कंपनियां चीन में धीमी बिक्री के कारण भारत की ओर रुख कर रही हैं। भारत की बढ़ती जनसंख्या और उपभोक्ता खर्च में वृद्धि इसे एक आकर्षक बाजार बना रही है। जानें कि कैसे ये कंपनियां भारत में अपने व्यापार का विस्तार कर रही हैं और भविष्य में क्या संभावनाएं हैं।
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भारत में निवेश का बढ़ता आकर्षण: वैश्विक कंपनियों की नजरें

वैश्विक कंपनियों का भारत की ओर रुख

दुनिया की प्रमुख कंपनियां जैसे PepsiCo, Unilever, Nestlé और P&G अब भारत को अपने व्यापार का केंद्र मान रही हैं। इनका मानना है कि चीन में व्यापार में कमी आ रही है, और जो अवसर वहां छूट रहा है, वह भारत में उपलब्ध है। PepsiCo के वैश्विक CEO रेमन लागुआर्टा ने स्पष्ट किया है कि भारत उनके लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है, और कंपनी यहां दीर्घकालिक निवेश करने की योजना बना रही है। HDFC Sky PepsiCo India ने 2024 में 8,877 करोड़ रुपये की आय अर्जित की और टैक्स से पहले 1,172 करोड़ रुपये का लाभ कमाया।


चीन की स्थिति और भारत की वृद्धि

चीन में उपभोक्ता खर्च में कमी आ रही है, और KitKat बनाने वाली Nestlé ने वहां अपनी बिक्री में गिरावट देखी है, यह बताते हुए कि स्थिति अपेक्षा से अधिक गंभीर है। इसके विपरीत, भारत में 2024 में बिक्री में 7.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 2025 की पहली छमाही में 13.7 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि चीन में यह वृद्धि केवल 4.7 प्रतिशत रही। एनेक्स वेल्थ मैनेजमेंट के अर्थशास्त्री ब्रायन जैकबसेन ने कहा कि पिछले दशक चीन का था, और आने वाला दशक भारत का होगा।


भारत की विशेषता

भारत अब दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन चुका है, और यहां के लोग चीन की तुलना में अधिक खर्च करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में, 2025 तक खरीदारी में गांवों ने शहरों को पीछे छोड़ दिया है, और पिछले पांच वर्षों में ग्रामीण खर्च में 11 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई है, जिससे 98,000 करोड़ रुपये का बाजार बन गया है। पूरे भारत में, यह बाजार 2026 तक 10.2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।


PepsiCo की ताकत

PepsiCo की भारत में कहानी केवल Pepsi या Lay's तक सीमित नहीं है; इसके पीछे वरुण बेवरेजेज का भी बड़ा हाथ है। यह कंपनी अमेरिका के बाहर PepsiCo के साथ मिलकर काम करने वाली सबसे बड़ी कंपनी है, और भारत में Pepsi की 100 में से 90 बोतलें इसी के माध्यम से बिकती हैं। PepsiCo सिरप प्रदान करता है, और वरुण बेवरेजेज उसे बोतल में भरकर देश के हर कोने तक पहुंचाता है। 2024 में वरुण बेवरेजेज ने 20,481 करोड़ रुपये की आय अर्जित की और 3,433 करोड़ रुपये का लाभ कमाया। फरवरी 2024 में, कंपनी ने नए कारखाने स्थापित करने और 1,500 नई नौकरियों के लिए 3,500 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बनाई।


अन्य कंपनियों की गतिविधियाँ

हिंदुस्तान यूनिलीवर ने मिनिमलिस्ट को 3,000 करोड़ रुपये में खरीदा, मैरिको ने बियर्डो और प्लिक्स जैसे ब्रांडों का अधिग्रहण किया, और आईटीसी (इंडियन टोबैको कंपनी) ने योगा बार को अपने अधीन किया। आईटीसी ने अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए 20,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है। 2022 में दुनिया की पांच सबसे बड़ी कंपनियों की भारत में हिस्सेदारी 19.27 प्रतिशत से बढ़कर 2023 में 20.53 प्रतिशत हो गई है, जबकि चीन में इन कंपनियों की स्थिति कमजोर हो रही है।