भारत में निवेश के लिए लिश्टेंस्टाइन की कंपनियों को आमंत्रित किया गया
लिश्टेंस्टाइन की कंपनियों के लिए निवेश के अवसर
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को लिश्टेंस्टाइन की कंपनियों को भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने भारत-ईएफटीए व्यापार समझौते का लाभ उठाकर अपनी उपस्थिति बढ़ाने का सुझाव दिया।
भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के चार देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौता पिछले वर्ष लागू हुआ था। इस संघ में आइसलैंड, लिश्टेंस्टाइन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं। इस समझौते के तहत भारत को अगले 15 वर्षों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता प्राप्त हुई है।
लिश्टेंस्टाइन की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे गोयल ने कहा कि भारत में बड़े अवसर, तेज सुधार, तेजी से बढ़ता उपभोक्ता बाजार, मजबूत औद्योगिक आधार और कारोबारी सुगमता के साथ-साथ डिजिटलीकरण और बुनियादी ढांचे के माध्यम से प्रतिस्पर्धात्मकता की पेशकश की जा रही है।
उन्होंने लिश्टेंस्टाइन की कंपनियों से अनुरोध किया कि वे इस समझौते का उपयोग भारत में विनिर्माण और नवाचार साझेदारियों को विकसित करने के लिए करें और विभिन्न क्षेत्रों में उभरते अवसरों में भागीदारी करें। वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि दोनों पक्षों ने वैश्विक कारोबारी माहौल पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
मंत्रालय ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान, अनिश्चितता और बढ़ती अस्थिरता के बीच, दोनों देश मिलकर निवेशकों और उद्यमों को स्थिरता और पूर्वानुमान की क्षमता प्रदान कर सकते हैं।
भारत का विशाल आकार, प्रतिभा और विनिर्माण क्षमता लिश्टेंस्टाइन की औद्योगिक विशेषज्ञता, उच्च-मूल्य नवाचार और वित्तीय दक्षता के साथ मिलकर एक मजबूत मूल्य श्रृंखला और भरोसेमंद निवेश का पुल तैयार कर सकते हैं। गोयल ने ईएफटीए की कंपनियों से भारत में प्रमुख व्यापार और निवेश आयोजनों में अधिक भागीदारी का भी आग्रह किया।
