भारत में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति में कोई कमी नहीं, सरकार का दावा
सरकार का आश्वासन
पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच, सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया कि देश में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। इन ईंधनों की कोई कमी नहीं है।
सरकार ने सब्सिडी वाले ईंधनों के औद्योगिक उपयोग पर भी चेतावनी दी। पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि भारत, जो दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनिंग केंद्र है, में 22 रिफाइनरियों की कुल शोधन क्षमता 25.81 करोड़ टन है। वित्त वर्ष 2025-26 में, देश ने 24.32 करोड़ टन घरेलू खपत के मुकाबले पर्याप्त ईंधन का उत्पादन किया और 6.15 करोड़ टन पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात भी किया।
सप्लाई चेन की निगरानी
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों, राज्यों और उद्योग संगठनों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखा है ताकि निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
मंत्रालय ने कहा कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और उद्योग मंडलों के साथ की गई समीक्षा में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं पाई गई। मंत्रालय ने यह भी बताया कि जहां आपूर्ति में कमी दिखाई दे रही है, वह कीमतों के अंतर का लाभ उठाने का परिणाम है।
उपभोक्ताओं को राहत
सरकार ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी पर प्रतिदिन लगभग 550 करोड़ रुपये का नुकसान उठाकर उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचा रही हैं।
हालांकि, मंत्रालय ने यह भी कहा कि कुछ औद्योगिक खरीदार सस्ती दरों का लाभ उठाने के लिए थोक के बजाय खुदरा बाजार से ईंधन खरीद रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर दबाव बढ़ रहा है।
राज्यों को निर्देश
सरकार ने राज्यों से ईंधन की जमाखोरी, कालाबाजारी, अवैध भंडारण और हेराफेरी पर रोक लगाने के लिए विशेष प्रवर्तन दल बनाने का निर्देश दिया है। साथ ही, आम जनता से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
