भारत में बिजली क्षेत्र में 500 अरब डॉलर का निवेश: केंद्रीय सचिव की जानकारी
बिजली क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं
भारत में अगले सात वर्षों में बिजली उत्पादन, पारेषण और भंडारण के क्षेत्र में लगभग 500 अरब डॉलर (लगभग 45 लाख करोड़ रुपये) के निवेश की संभावना है। यह जानकारी केंद्रीय बिजली सचिव पंकज अग्रवाल ने हाल ही में दी।
‘भारत इलेक्ट्रिसिटी’ शिखर सम्मेलन 2026 के संदर्भ में संवाददाताओं से बात करते हुए, अग्रवाल ने बताया कि देश का बिजली पारेषण नेटवर्क जल्द ही 5 लाख सर्किट किलोमीटर (सीकेएम) के आंकड़े को पार कर जाएगा, जो वर्तमान में 4.97 लाख सीकेएम तक पहुंच चुका है।
उन्होंने भारत को एक तेजी से विकसित होते बाजार के रूप में वर्णित करते हुए कहा कि बिजली उत्पादन, पारेषण, ऊर्जा भंडारण और वितरण में निवेश की काफी संभावनाएं हैं।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘भारत इलेक्ट्रिसिटी’ शिखर सम्मेलन 2026 का आयोजन 19 से 22 मार्च तक नई दिल्ली के यशोभूमि में किया जाएगा।
केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल ने इस सम्मेलन की औपचारिक घोषणा की और इसके लिए ब्रोशर तथा टीजर फिल्म भी जारी की। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि भारत को बिजली क्षेत्र में नई तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने 2024 में 250 गीगावाट की उच्चतम मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया है। इसके अलावा, मंत्री ने संकेत दिया कि सरकार जल्द ही बिजली संशोधन विधेयक 2026 पेश करने की योजना बना रही है।
