भारत में विदेशी निवेश में अमेरिका का बढ़ता प्रभाव
भारत में विदेशी निवेश के क्षेत्र में हालिया बदलावों ने अमेरिका को दूसरा सबसे बड़ा निवेशक बना दिया है। अमेरिकी कंपनियों ने अब सीधे भारत में निवेश करना शुरू कर दिया है, जिससे निवेश में तेजी आई है। इस लेख में जानें कि कैसे टैक्स समझौते और नए क्षेत्रों में निवेश की वृद्धि हो रही है, और सरकार की योजनाएं क्या हैं।
| May 25, 2026, 18:39 IST
अमेरिका बना भारत में दूसरा सबसे बड़ा विदेशी निवेशक
भारत में विदेशी निवेश के क्षेत्र में हाल ही में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिले हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में अमेरिका ने भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करने वाले देशों में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है, जिससे उसने मॉरीशस को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, सिंगापुर अभी भी पहले स्थान पर बना हुआ है।
सीधे निवेश की ओर बढ़ती अमेरिकी कंपनियां
पिछले कुछ वर्षों में, कई अमेरिकी कंपनियां भारत में निवेश के लिए टैक्स में राहत देने वाले देशों जैसे मॉरीशस का सहारा लेती थीं। लेकिन अब ये कंपनियां सीधे भारत में निवेश कर रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप अमेरिकी निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
निवेश में वृद्धि के आंकड़े
आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका से भारत में इक्विटी निवेश 11 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है, जो कि दोगुना से अधिक है। वहीं, सिंगापुर से भी निवेश में अच्छी बढ़ोतरी हुई है, और कुल विदेशी निवेश का लगभग एक तिहाई हिस्सा वहीं से आया है।
टैक्स समझौते का प्रभाव
भारत और मॉरीशस के बीच टैक्स समझौते में बदलाव के बाद, निवेशकों का रुख धीरे-धीरे सिंगापुर और सीधे निवेश की ओर बढ़ा है। हालांकि, टैक्स राहत वाले देशों का उपयोग पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है। केमैन आइलैंड्स से भी निवेश में अचानक वृद्धि देखी गई है, जो 37 करोड़ डॉलर से बढ़कर लगभग 2.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। अधिकारियों का मानना है कि यह कुछ बड़े सौदों के कारण हुआ है।
विदेशी निवेश के नए क्षेत्र
विदेशी निवेश के क्षेत्रों में भी बदलाव आया है। पिछले वित्त वर्ष में कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर क्षेत्र ने सबसे अधिक निवेश आकर्षित किया है, जिसने सेवा क्षेत्र को पीछे छोड़ दिया है। यह वृद्धि देश में तेजी से बढ़ते डाटा सेंटर कारोबार के कारण मानी जा रही है।
खाद्य प्रसंस्करण और समुद्री परिवहन में वृद्धि
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी निवेश में पांच गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। समुद्री परिवहन और जहाज से जुड़े कारोबार में लगभग 30 गुना तक निवेश बढ़ने की जानकारी मिली है, जिसमें लगभग 2 अरब डॉलर का निवेश हुआ है।
सरकार की निवेश बढ़ाने की योजनाएं
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में कहा कि पिछले कुछ महीनों में अमेरिकी कंपनियों ने भारत में लगभग 60 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता दिखाई है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं और प्रस्तावों पर काम कर रही है।
आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
पीयूष गोयल के अनुसार, भारत उन क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है, जहां आपूर्ति श्रृंखला कुछ चुनिंदा देशों पर निर्भर है। सरकार का ध्यान ऐसी नीतियों को विकसित करने पर है, जिससे विदेशी कंपनियों के लिए भारत में कारोबार करना आसान हो सके।
