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भारत में शिक्षकों के लिए माइक्रोसॉफ्ट का नया एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम

माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में 'एलिवेट फॉर एजुकेटर्स' नामक एक नया प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य शिक्षकों को एआई टूल्स के जिम्मेदार उपयोग के लिए तैयार करना है। यह पहल भारत की नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है और 2 लाख स्कूलों तक पहुंचने का लक्ष्य रखती है। कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को डिजिटल कौशल और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग सिखाई जाएगी, जिससे छात्रों को एआई से जुड़ी जानकारी प्राप्त होगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षा में तकनीकी बदलाव को बढ़ावा देना है।
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भारत में शिक्षकों के लिए माइक्रोसॉफ्ट का नया एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम

शिक्षा में तकनीकी बदलाव

शिक्षा का तरीका तेजी से विकसित हो रहा है, और तकनीक अब कक्षाओं में प्रवेश कर चुकी है। इसी संदर्भ में, माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में 'एलिवेट फॉर एजुकेटर्स' नामक एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह पहल शिक्षकों और स्कूल लीडर्स को एआई टूल्स के सही और जिम्मेदार उपयोग के लिए तैयार करने के उद्देश्य से बनाई गई है.


एआई प्रशिक्षण का लक्ष्य

कंपनी ने पहले ही भारत में 2 करोड़ लोगों को एआई से संबंधित प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा है। यह कार्यक्रम उस बड़े अभियान का हिस्सा है। वर्तमान में, भारत में 20 करोड़ से अधिक छात्र और लगभग 1 करोड़ शिक्षक हैं। इस विशाल शिक्षा प्रणाली को ध्यान में रखते हुए, कंपनी का मानना है कि एआई का भविष्य केवल कॉर्पोरेट क्षेत्र में नहीं, बल्कि स्कूलों और कक्षाओं में भी महत्वपूर्ण होगा.


प्रशिक्षण की विशेषताएँ

इस कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षकों को डिजिटल कौशल, कोडिंग और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग को कक्षा में शामिल करने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके साथ ही, एआई का सुरक्षित और नैतिक उपयोग कैसे किया जाए, यह भी सिखाया जाएगा। तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बीच डेटा सुरक्षा, भरोसा और मानवीय निर्णय क्षमता को बनाए रखना भी आवश्यक है.


शिक्षा में एआई का महत्व

कंपनी के वाइस चेयर और प्रेसिडेंट ब्रैड स्मिथ के अनुसार, एआई धीरे-धीरे शिक्षा प्रणाली का हिस्सा बन रहा है। उनका कहना है कि यदि भारत इस तकनीक को व्यापक रूप से अपनाता है, तो इससे छात्रों और शिक्षकों के लिए नए अवसर उत्पन्न हो सकते हैं। वे मानते हैं कि शिक्षक इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, क्योंकि वे छात्रों को तकनीक के जिम्मेदार उपयोग की समझ प्रदान कर सकते हैं.


नई शिक्षा नीति के अनुरूप

यह पहल भारत की नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप भी मानी जा रही है। इस नीति के तहत कक्षा 3 से ही एआई और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग की बुनियादी जानकारी देने का प्रावधान है। इसलिए, 'एलिवेट फॉर एजुकेटर्स' को इस दिशा में एक व्यावहारिक कदम माना जा रहा है.


शैक्षणिक संस्थाओं के साथ सहयोग

इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कंपनी कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थाओं के साथ मिलकर काम कर रही है, जिनमें केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, और अन्य शामिल हैं.


पहुंच और प्रभाव

मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, यह पहल लगभग 2 लाख स्कूलों और 25,000 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचेगी। इससे लगभग 80 लाख छात्रों को एआई से जुड़ी बुनियादी और उन्नत जानकारी प्राप्त होगी, साथ ही शिक्षकों की क्षमता में भी वृद्धि होगी.


ऑनलाइन शिक्षा का विकास

पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्मार्ट क्लासरूम का दायरा तेजी से बढ़ा है। ऐसे में, एआई को शिक्षा से जोड़ना एक स्वाभाविक अगला कदम माना जा रहा है. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीक का संतुलित उपयोग ही इसकी असली सफलता सुनिश्चित करेगा.


भविष्य की दिशा

यदि यह कार्यक्रम अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार लागू होता है, तो भारत एआई आधारित शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत उदाहरण बन सकता है. वर्तमान में, शिक्षा प्रणाली में डिजिटल बदलाव की यह नई पहल आने वाले समय की दिशा तय करती नजर आ रही है.